मेडिकल कॉलेज की टूटी खिड़कियों पर फाइबर शीट लगाते कारीगर।
बस्ती। मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में मरीज और तीमारदारों को भीषण ठंड से बचाने के जतन शुरू हो गए हैं। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने वार्डों की टूटी खिड़कियों के मरम्मत के लिए टीम उतारी। आनन फानन ओपीडी और निर्माणाधीन बिल्डिंग में गद्दा, कंबल आदि लगाकर रैनबसेरा व्यवस्थित किया गया। बाद में इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी गई।
बता दें कि अमर उजाला ने 23 दिसंबर के अंक में मेडिकल कॉलेज में भीषण ठंड से मरीज और तीमारदारों को हो रही असुविधाओं को उकेरती हुई खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान डीएम कृत्तिका ज्योत्सना ने लिया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन की तरफ से तत्काल व्यवस्था दुरुस्त कराने की पहल शुरू हो गई। आनन फानन कारीगर बुलाए गए और वार्डों में टूटी खिड़कियों पर नए फाइबर शीट लगाकर उसे दुरुस्त किया जाने लगा।
इसके अलावा वार्ड के भीतर तापमान मेंटेन रखने के लिए हीटर भी लगाए गए। इससे मरीजों को काफी सहूलियत मिली। सुधार संबंधी इन कार्यों का फोटो सहित रिपोर्ट शाम तक डीएम को प्रेषित करके मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अपनी सफाई भी प्रस्तुत कर दी।
दो जगहों पर बना रैनबसेरा : ओपेक चिकित्सालय कैली में तीमारदारों को ठंड से बचाव के लिए मंगलवार को आनन फानन दो जगहों पर रैन बसेरा भी बनवाया गया। ओपीडी के बरामदे में दस बेड और निर्माणाधीन बिल्डिंग में 15 बेड का रैन बसेरा व्यवस्थित किया गया। यहां तीमारदारों के ठहरने के लिए बिस्तर, कंबल आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इसके अलावा अस्पताल परिसर में इमरजेंसी, गायनी विभाग, मेडिकल विभाग के सामने अलाव की मुकम्मल व्यवस्था कराई गई है। वहां तीमारदार काफी मौजूद दिखे।