‘मदर सेल’ में बच्चों के लिए शिक्षा की पहल
जेल में अपनी मां के साथ रह रहे बच्चों को दी गई सामग्री
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। माता की वजह से जेल में कैद छह वर्ष से कम उम्र के आठ बच्चों के के लिए जेल प्रशासन की तरफ से नई पहल की गई है। जेल के ‘मदर सेल’ में रह रहे ऐसे बच्चों को शिक्षा व मनोरंजन से संबंधित सामग्री उपलब्ध कराई गई है। ताकि बिना किसी गुनाह के कैद में रह रहे इन बच्चों का मन बहल सके। जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने बताया कि ऐसे बच्चों को पढ़ाने के लिए एक महिला अध्यापक की तैनाती की गई है। इसके अलावा उन्हें शिक्षण सामग्री और खिलौने उपलब्ध कराए गए हैं। कोविड काल व उमस भरी गर्मी को देखते हुए इन बच्चों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। जेल डॉक्टर रोजाना इनका मेडिकल चेकअप कर रहे हैं। इन बच्चों की पढ़ाई व मनोरंजन का इंतजाम किया गया है। मौजूदा वक्त में जनपद कारागार में 82 महिला बंदियों/कैदियों के साथ आठ बच्चे भी रह रहे हैं। इसमें चार बालक और चार बालिकाएं हैं। इनकी माताएं दहेज उत्पीड़न आदि मुकदमों में निरूद्ध हैं। जेल अधीक्षक का कहना है कि नियमानुसार जिनके बच्चे छह साल से कम उम्र के होते हैं, वो महिलाएं अपने बच्चों को साथ जेल में रख सकती हैं। इसके अलावा बच्चों के मनोरंजन के लिए ट्राई साइकिल, गेंद बल्ला व अन्य खिलौने वितरित कराया गया है।
शतरंज और लूडो खेलेंगे बंदी
जिला जेल के अंदर 10 पुरुष बैरकों में निरुद्ध बंदियों के लिए कोविड के इस विपरीत दौर में तनावमुक्त रखने की कवायद चल रही है। चूंकि पिछले डेढ़ वर्ष से कोरोना काल में बंदियों से मुलाकात पर रोक चल रही है। ऐसे में उन्हें तनाव से दूर रखने के लिए इनडोर मनोरंजन का बंदोबस्त किया गया है। हर एक बैरक में शतरंज, कैरम और लूडो उपलब्ध कराया गया है। निरक्षर बंदियों को साक्षर बनाने की पहल शुरू की गई है। उन्हें कॉपी, किताब, पेंसिल और पेन भी उपलब्ध करा दिया गया है।