मां की कृपा पाने के लिए भक्त दिनरात पूजा-आराधना में तल्लीन हैं। शहर से लेकर गांवों तक दुर्गापूजा की रौनक बढ़ती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिमाओं का विसर्जन दशहरा को होगा, इसलिए वहां उल्लास अब चरम पर पहुंच रहा है, जबकि शहर में पूर्णमासी को विसर्जन होने के नाते अभी पंडालों की सजावट चल ही है।
बस्ती शहर में दुर्गा पूजा तब जोर पकड़ता है जब पूरे प्रदेश में यह दशहरा के दिन समाप्त हो जाता है। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में भी दुर्गा पूजा दशहरा को ही समाप्त हो जाती है। ऐसे में पूर्णिमा के दिन तक चलने वाले दुर्गा पूजा महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते है।
सरकारी रिकार्ड में जिले में कुल 1178 दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना की जा रही है। जिनमें शहर के कोतवाली व पुरानी बस्ती क्षेत्र में 173 प्रतिमा शामिल है। वाल्टरगंज में 85, हरैया 92, छावनी 52, परशुरामपुर 56, पैकोलिया 630 गौर 77, कलवारी 47, नगर 81, कप्तानगंज 59, दुबौलिया 84,रुधौली 76, सोनहा 83, मुंडेरवा 70 और लालगंज थानाक्षेत्र में 70 प्रतिमाओं की स्थापना की जा रही है। इनमें 10 अक्टूबर से 16 अक्टूबर के बीच अलग-अलग तिथियों में विसर्जित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र की ज्यादातर प्रतिमाओं को विसर्जन दशहरा के दिन किया जाएगा। जबकि बाकी स्थानों पर स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन पूर्णिमा को ही होगा। इस दौरान पुलिस व पीएसी लगातार सुरक्षा व्यवस्था बनाने में जुटी है।