गौर। विकास खंड के ग्राम पंचायत परासडीह के प्रधान का अधिकार सीज होने से प्रशासक भी नहीं बन पाए। जबकि गांव में विकास कार्य को सुचारू रूप से चालू रखने के लिए तीन सदस्य कमेटी का गठन भी किया गया लेकिन आज तक खाते का संचालन नहीं हो पाया और पिछले 11 माह से गांव में विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हैं।
26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया है, लेकिन पंचायत चुनाव न होने की दशा में मुख्यमंत्री की ओर से प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने की मंजूरी दी गई है और बुधवार को डीएम की ओर से प्रधान को प्रशासक बनाए जाने का पत्र भी जारी कर दिया गया है। फिर भी गौर ब्लाॅक के ग्राम पंचायत परासडीह की महिला प्रधान कुमारी देवी प्रशासक भी नहीं बन पाएंगी।
शिकायत के आधार पर प्रधान के खिलाफ वित्तीय अनियमित पाए जाने पर डीएम ने 16 जुलाई 2025 को प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार को पूरी तरह से सीज कर दिया था। ग्राम पंचायत में विकास कार्य को सुचारू रूप से चालू रखने के लिए कुछ दिन बाद तीन सदस्य समिति का गठन किया गया। तब ग्रामीणों को उम्मीद जगी कि अब गांव में विकास कार्य चालू होंगे। लेकिन समिति गठन के बाद भी खाते का संचालन नहीं कराया गया और न ही कोई विकास कार्य किया गया।
बताया यह भी जा रहा है कि गठित कमेटी के एक सदस्य की छह माह पहले मृत्यु भी हो चुकी है, ऐसे में गांव में विकास कार्य चालू रखने के लिए प्रशासक किसको बनाया जाएगा।
यह अभी तय नहीं हो पाया है, सदस्यीय समिति की अध्यक्ष राजबाला ने मार्च में निजी कारणों से समिति के दायित्वों का निर्वहन करने में असमर्थता जाहिर करते हुए सचिव, बीडीओ और डीपीआरओ को पत्र भेज कर अनुरोध किया था कि यह कार्य मुझसे संभव नहीं हो पाएगा। ऐसे में गांव में लंबे समय से विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हैं और अब प्रशासक बनाए जाने में भी देरी की जा रही है। एडीओ पंचायत श्याम बिहारी ने बताया कि परासडीह ग्राम पंचायत में प्रशासक बनाए जाने को लेकर डीपीआरओ को पत्र भेजा गया है।