जिला अस्पताल की ओपीडी में बच्चे की जांच करते डॉ. सलीम संवाद
बस्ती। मौसम के उतार-चढ़ाव और दिन में तेज धूप व सुबह-शाम की ठंड के कारण बच्चे और बुजुर्ग वायरल, सर्दी-खांसी, बुखार और निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। जांच में सीने में जकड़न से सांस लेने में तकलीफ की शिकायत है। शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। बाल रोग विभाग और पीआईसीयू में भी दबाव बढ़ गया है।
जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में 28 से अधिक बच्चे भर्ती हैं। इनमें उल्टी, दस्त, बुखार और गंभीर निमोनिया के लक्षण पाए गए हैं। कई बच्चों को सांस लेने में दिक्कत और सीने में जकड़न की शिकायत है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल शर्मा का कहना है कि 60 प्रतिशत बच्चों में सांस की शिकायत आ रही है। उन्हें भर्ती किया जा रहा है। भांप दिलवा रहे हैं। शनिवार को ओपीडी में 847 से अधिक मरीज पहुंचे। इनमें अधिकांश खांसी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित रहे। मरीज ममता ने बताया कि उन्हें तीन दिन से खांसी और बुखार है। संध्या ने कहा कि बच्ची को बुखार आ रहा है। सांस में भी तकलीफ है। जांच कराकर दवा लिए। डॉक्टरों का कहना है कि सुबह-शाम की ठंड से सांस लेने में परेशानी हो रही है। बताया कि ठंड बढ़ने के साथ सांस की दिक्कत बढ़ गई है। चेस्ट फिजीशियन डॉ. मो. जमा ने कहा कि मौसम के उतार-चढ़ाव से सांस से जुड़ी बीमारियों में तेजी आई है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मो. सलीम ने कहा कि ऐसे मौसम में सुबह और शाम गर्म कपड़े पहनें, सिर और कान ढककर रखें। ठंडा पानी पीने से बचें और ताजा व पौष्टिक भोजन का सेवन करें। पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में तेज सांस या घरघराहट जैसी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। गुनगुना पानी पीते रहे।
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जिला अस्पताल में वायरल संक्रमण वाले मरीज आ रहे हैं। फिजीशियन और बाल रोग विभाग की ओपीडी में बैठे चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह मरीजों का समय से जांच कर दवाएं दें।
- डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।