रुधौली क्षेत्र में रविवार सुबह घास पर बर्फ की चादर दिखाई दिया।
चार दिन से हाड़ कंपा रही सर्दी के बीच जबरदस्त पाला गिर रहा है, जिससे आम जनजीवन जहां कड़ाके की ठंड झेल रहा है, वहीं किसानों में फसलें चौपट होने का डर पैदा हो गया है। हालांकि दिन में अच्छी धूप से अभी पाले से नुकसान का असर नहीं महसूस किया जा सका लेकिन कृषि विज्ञानी बताते हैं कि पाले के प्रकोप से अनाज, फलों और सब्जियों की फसलों को नुकसान हो सकता है।
गलन व सर्द हवाओं के बीच रविवार को एक फिर ठंड और बढ़ गई। कोहरे के कारण एक तरफ जहां वाहनों की रफ्तार थम गई तो वहीं दूसरी ओर लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ा। ठंड के बदलते मिजाज से लोगों को राहत मिलता नहीं दिखा रहा है। रविवार को सुबह टहलने के लिए लोग निकले तो घास पर बर्फ की सफेद चादर देख दंग रह गए। खेती किसानी के जानकारों के अनुसार पाला पड़ने से ऐसा नजारा दिखा। तापमान की बात करें तो शनिवार की अपेक्षा तीन-चार डिग्री ऊपर चढ़कर 24 पर आ पहुंचा लेकिन लोगों को गलन से निजात नहीं मिली।
जानकार बताते हैं कि पाला लगने से पौधों की पत्तियां एवं फूल झुलस जाते हैं और कभी-कभी तो झड़ भी जाते हैं। इसके प्रभाव से अधपके फल सिकु़ड़ जाते हैं और उनमें झुर्रियां पड़ जाती है। कई फल-फूल गिर जाते हैं। फलियों एवं बालियों में दाने नहीं बनते और जो बनते हैं वह सिकुड़ जाते हैं।
हाड कंपा देने वाली इस ठंड में दिन धूप के बाद भी लोगों को निजात नहीं मिली। पूरे दिन लोग गर्म कपड़ों में लिपटे रहे। इस गलनभरी ठंड से सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों व बुजुर्गों को हुई। रह-रहकर मौसम के बदलते मिजाज से फिलहाल लोगों को निजात मिलता नहीं दिखा रहा है।