जिला अस्पताल के ओपीडी में मरीज को परामर्श देते डॉ. एके सिंह
बस्ती। मौसम में बदलाव का असर त्वचा पर भी दिखने लगा है। खुजली और एग्जिमा जैसे रोग भी बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 100 से 150 से अधिक मरीज त्वचा रोग की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। तापमान में गिरावट और ठंडी हवा चलने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है, जिसके चलते त्वचा में सूखापन देखा जा रहा है।
बताया जाता है कि इससे शरीर में खुजली और दूसरी समस्याएं हो रही हैं। इनके अलावा कई अन्य प्रकार के त्वचा संबंधी रोग भी सामने आ रहे हैं, जिनके उपचार के लिए मरीज जिला अस्पताल का रुख कर रहे हैं। जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राम अनुग्रह का कहना है कि कि ठंड में त्वचा सूखने लगती है। वातावरण में मौजूद जीवाणुओं और गंदगी से त्वचा में संक्रमण का खतरा रहता है। खुजली अथवा फुंसी, अन्य चर्म रोग भी हो जाते हैं।
इन दिनों होने वाली खुजली डर्मेटाइटिस कहलाती है, जो ठंड के मौसम में शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है। इसे ठीक करने के लिए नियमित इलाज कराना चाहिए और गंदगी और खानपान में भी ध्यान रखने की जरूरत है। एग्जिमा के रोगी भी आ रहे। लंबे समय से त्वचा संबंधी रोग है तो नियमित दवा करें, इससे छुटकारा मिल सकता है। सफाई बहुत जरूरी है।
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मेडिसिन विभाग में भी देखे गए मरीज
जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग में पहुंच मरीजों की जांच हुई तो अधिकांश में सर्दी-जुकाम पाया गया। फिजलेशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि मौसम के बदलाव के चलते ऐसे मरीज आ रहे। वायरल संक्रमण वाले मरीजों में डेंगू समेत अन्य जांच भी करा रहे।
कोट
त्वचा रोगी बढ़े हैं। जिला अस्पताल में दवाएं पर्याप्त मात्रा में हैं। बाहर की दवा न लिखने के लिए सभी डॉक्टरों को हिदायत दी गई है।
-डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला असप्ताल, बस्ती।