बस्ती। इस बार होली से तीन पहले ही पुलिस और आबकारी की टीम सरयू के दियारा क्षेत्र में कच्ची शराब के धंधे पर अंकुश लगाने के लिए अलर्ट हो गई थी। एसपी डॉ. यशवीर सिंह के नेतृत्व में दुबौलिया, कलवारी, छावनी, परशुरामपुर थाना, कप्तानगंज थाना क्षेत्र के माझा और अन्य जंगल और नदी के तटीय क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों से निगरानी शुरू करा दी गई।
पुलिस और आबकारी टीम के सख्ती के चलते कच्ची शराब के धंधेबाज इस बार भूमिगत हो गए। कच्ची शराब निर्माण के मामले में सबसे संवेदनशील क्षेत्र दुबौलिया और छावनी थाना क्षेत्र के सरयू के किनारे माझा क्षेत्र में भट्ठियां नहीं धधकने पाईं। पिछले साल पुलिस ने बालू के नीचे खोदे गए गड्ढे में भारी मात्रा लहन, कच्ची शराब बनाने के पात्र और अन्य उपकरण एवं रसायन बरामद किए थे। इस बार पुलिस आबकारी विभाग से समन्वय स्थापित कर पहले से ही सजग हो गई। होली के तीन दिन पहले से ही थानेवार पुलिस की टीम कैमरों से संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लेने में जुट गई। इसके बाद धंधेबाज सकते में आ गए। पुलिस के डर अधिकांश चर्चित अड्डों पर सन्नाटा छाया रहा।
होली के पहले परशुरामपुर पुलिस ने की थी कार्रवाई
एक मार्च को परशुरामपुर थाने की पुलिस ने अवैध कच्ची शराब बनाने वाले गिरोह के विरुद्ध छापेमारी व दबिश देकर बड़ी कार्रवाई की। पुलिस टीम हरनावा गांव में कच्ची शराब के परिवहन/विक्रय करने वाले खेदू निवासी बरहपुर खटीकहिया टोला थाना परशुरामपुर एवं महिला अमृता निवासी हरनावा गिरफ्तार किया। इनके पास से 15 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई थी। वहीं एडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान और एएसपी श्यामकांत के नेतृत्व में मुंडेरवा क्षेत्र के करवल कॉलोनी में होली के दो दिन पहले छापेमारी की गई थी। यहां से भारी मात्रा लहन और कच्ची शराब बरामद करने के साथ आरोपी पकड़े गए थे। इसके बाद धंधेबाजों में हड़कंप की स्थिति रही।
कोट
कच्ची शराब के धंधे पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस पूरी तत्परता से लगी हुई है। तकनीक का इस्तेमाल कर संवेदनशील जगहों पर ड्रोन कैमरों से नियमित निगरानी कराई जा रही है। यदि कहीं कच्ची शराब के निर्माण का मामला संज्ञान में आया तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
-डॉ. यशवीर सिंह, एसपी।