शिक्षाविद डॉक्टर हरिहर पांडेय को नमन करते लोग
बस्ती। समाज में व्यक्ति की पहचान उसके कर्मों से होती है । सद्कर्म करने वाले की पहचान कभी मिटती नहीं है। शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय प्रयास से डॉ. हरिहर प्रसाद पांडेय हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे। बालिका शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। यह बातें आचार्य पंडित रविशंकर शुक्ल ने कही। वह शनिवार को कप्तानगंज के इंदिरा भवन परिसर में शिक्षाविद् डॉ. हरिहर प्रसाद पांडेय की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
इससे पहले उपस्थित लोगों ने स्व. पांडेय के चित्र के सामने स्वस्ति वाचन व पुष्पांजलि अर्पित की। कहा कि 70 के दशक में कप्तानगंज जैसे पिछड़े क्षेत्र में बालिका शिक्षा की जो अलख डाॅ. पांडेय ने जगाई थी वह अपने आप में अद्वितीय है। उनके प्रयासों का परिणाम है कि इस ग्रामीण क्षेत्र से पढ़ाई करके तमाम बालिकाएं अच्छे-अच्छे पदों पर कार्यरत हैं। राज्यसभा सांसद के निजी सचिव रहे अजय पांडेय ने कहा कि स्व. पांडेय के पदचिह्न पर चलते हुए हम लोग उनके द्वारा शुरू किए गए मिशन को आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं।
इस मोके पर राजकुमार पाठक, अमरेश चौधरी, आलोक पांडेय , उत्कर्ष, चंपा पाण्डेय आदि मौजूद रहीं