बस्ती। डॉ अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर विविध कार्यक्रम आयोजित हुए। डॉ
भीमराव अंबेडकर प्रचार समिति की ओर से रविवार को अंबेडकर पार्क मड़वानगर
में दलित शोक दिवस मनाया गया। इस दौरान मेले का आयोजन किया गया।
डॉ
भीमराव अंबेडकर छात्रावास के छात्रों ने प्रभातफेरी निकाली। अखिल भारतीय
विद्यार्थी परिषद ने सामाजिक समरसता दिवस का आयोजन किया। डॉ भीमराव अंबेडकर
प्रचार समिति के संस्थापक राम निरंजन राना अंबेडकर ने कहा कि डॉ अंबेडकर
ने दलितों के लिए जो कुछ किया वह अनमोल है। दलित समाज उनके कर्ज को जीवन भर
नहीं उतार पाएगा।
इस अवसर पर पार्क में लगे मेले में लोगाें ने
समय बिताया। कार्यक्रम में कैलाश नाथ, रामऔतार, सुखचैन, श्रीराम, अनिल
कुमार, बीपी आनंद, विजय बहादुर गौतम, प्रकाश मणि समदर्शी, चंद्रिका प्रसाद
कन्नौजिया, रामशंकर आदि रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने डॉ
अंबेडकर की पुण्यतिथि को सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाया। नगर पालिका
परिसर में गोष्ठी में वक्ताआें ने पहले डॉ अंबेडकर की प्रतिमा पर
माल्यार्पण किया।
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संतोष सिंह ने कहा कि
बाबा साहब ने हमें संविधान दिया, जिसकी वजह से हम सभी को सुख और समृद्धि से
जीनेे का अवसर मिला। प्रांत उपाध्यक्ष जेके शाही, प्रांत सहमंत्री
भूपेंद्र सिंह राणा, रामेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि संविधान के प्रावधानों के
पालन से ही देश को तरक्की की राह पर आगे बढ़ाया जा सकता है।
कहा
कि जाति और धर्म के नाम पर देश को बांटने को रोकने का प्रयास करें। इस मौके
पर विभाग प्रमुख मनोज सिंह, दिनेश प्रताप सिंह, महेंद्र उपाध्याय, आलोक
उपाध्याय, सुनील बागी, अमित गुप्ता, राघवेंद्र प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
इसी
क्रम में डॉ भीमराव अंबेडकर छात्रावास के छात्रों ने बाबा साहब के
परिनिर्वाण दिवस पर प्रभातफेरी निकाली। इसमें खेल कूद राज्यमंत्री रामकरन
आर्य भी शामिल थे। प्रभातफेरी शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कटेश्वर
पार्क पहुंची।
बाबा साहब के प्रतिमा पर राज्यमंत्री सहित अन्य ने
माल्यार्पण किया। राज्यमंत्री ने कहा कि डॉ अंबेडकर भारतीय संविधान के
प्रमुख निर्माणकर्ता हैं। विधि विशेषज्ञ, अथक परिश्रमी एवं उत्कृष्ट कौशल
के धनी व उदारवादी डॉ अंबेडकर ने देश के दलितों, गरीबों, वंचितों को
शिक्षित बनो, संघर्ष करो का नारा देकर उनमें चेतना का विस्तार किया।
अनिल
भारती, चंद्रशेखर मुन्ना ने भी उनके योगदान को याद किया। आयोजन में
छात्रावास मानीटर अमरेश कुमार निगम, जगदीश प्रसाद, विश्राम, संतराम आर्य,
देवनाथ, राम उजागिर गौतम, सुरेश चंद्र, रामशंकर निराला, राजेश प्रधान, राम
गोविंद आदि मौजूद रहे।
रविवार को बौद्ध विहार ककरहिया गांव में
जनसभा का आयोजन कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। कार्यक्रम की
शुरुआत भगवान बुद्ध की मूर्ति पर पुष्पांजलि और डॉ भीमराव अंबेडकर की
मूर्ति पर माल्यार्पण से की गई।
दुर्बली राम बौद्ध ने कहा कि बाबा
साहब के सिद्धांतों, उनके विचारों, जीवन दर्शन को ठीक से समझने के लिए उनकी
खूबियों को भी जनना जरूरी है। उन्होंने अति गरीब, असहाय, निराश्रित लोगों
के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया।
फूलचंद चौधरी ने कहा कि डॉ
अंबेडकर उच्चकोटि के विचारक थे। मानव के हित में ही उनका संपूर्ण जीवन
बीता। पीके गौतम ने भगवान बुद्ध के बताए रास्ते को अपनाने पर बल दिया। आरटी
अर्जक ने सांस्कृृतिक कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को समाज में व्याप्त
कुरीतियों से दूर रहने की सीख दी।
नेबूलाल, विजय बहादुर, अजय कुमार
गौतम, मुकेशराव, पंचम मास्टर, डॉ. राम प्रकाश, रामलखन गौतम, केशवराम,
रामराज मास्टर, एसके त्रिपाठी, सुनील सिंह, शंभूलाल गौतम, सत्यराम मौर्या,
राम कृष्ण राव, भगवानदीन, रामनेवास गौतम आदि उपस्थित रहे।