बस्ती। शिक्षा शास्त्र व्यावहारिक पहलुओं पर आधारित विषय है। इसे अच्छी समझ के साथ पढ़े। इसमें सामाजिक व मनोवैज्ञानिक गुणों के आधार पर विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास की बात की जाती है। इसमें विद्यार्थी के मानसिक शक्तियों व संवेगात्मक विकास के साथ-साथ हस्तकौशल को विकसित करने का प्रयास किया जाता है। ऐसे में इसकी तैयारी करने के लिए रटने की जगह पर समझने की जरूरत है।
एक निजी विद्यालय के शिक्षाशास्त्र के शिक्षक प्रमोद कुमार ने बताया कि इस विषय की तैयारी एनसीईआरटी व मानक पुस्तकों के अध्ययन, विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्नों के आधार पर करना होगा। जो कुछ भी पढ़ें उसे लिखकर अभ्यास करने का प्रयास करें। उत्तर देते समय हेडिंग बनाए और उसे अंडरलाइन करें। उन्होंने बताया कि शिक्षाशास्त्र को छात्र एक साधारण विषय के रूप में लेते है।