संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। 14 माह पहले सोनहा क्षेत्र के खाजेपुर गांव के बरगदहवा टोले के पास गन्ने के खेत में मिले नर कंकाल की डीएनए रिपोर्ट से पहचान की गई है। वह कंकाल अमरौली शुमाली टोला मधुबन निवासी विनय कुमार पुत्र छठिराम का था, जो कंकाल मिलने के आठ दिन पहले लापता हो गया था।
परिवार के लोगों ने पहले भी उसी का कंकाल होने का दावा किया था। मगर, पुष्टि के लिए पुलिस ने उसका नमूना डीएनए टेस्ट के लिए भेजा था। परिवार के लोगों को प्रेम प्रसंग में हत्या का संदेह था।
विनय की मां दुर्गावती और भाई विजय कुमार के खून का नमूना डीएनए टेस्ट के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला गोरखपुर भेजा गया था। कोर्ट के आदेश पर सोनहा पुलिस ने विनय की मां की तहरीर पर लाल बहादुर, सुनील, सुमन, विक्की, अमित, रमेश व हीरालाल पर हत्या कर शव छिपाने, अपशब्द कहने की धारा में केस दर्ज किया था।
प्रभारी निरीक्षक उपेंद्र मिश्र ने बताया कि डीएनए टेस्ट में कंकाल की पहचान विनय के रूप में हुई है। 19 अगस्त 2023 को खाजेपुर गांव के गन्ने के खेत में एक महिला सुबह करीब 11 बजे फसल देखने गई थी। जहां उसे दुर्गंध महसूस हुई। इधर-उधर देखने पर खेत में एक कंकाल पर नजर पड़ी।
उसने घर आकर लोगों को बताया कि गन्ने के खेत में कंकाल पड़ा है। 20 अगस्त की सुबह ग्रामीण गन्ने के खेत में गए तो सिर का कंकाल और जबड़ा देख पुलिस को सूचना दी। तत्कालीन एसएचओ शैलेश सिंह फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचकर मानव कंकाल की जांच की और बताया कि कंकाल पुरुष का है।
सूचना मिलते ही अमरौली शुमाली टोला मधुबन निवासी विजय ने खेत में जाकर देखा तो लोवर व टी-शर्ट से मृतक की पहचान अपने भाई विनय कुमार पुत्र छठिराम के रूप में की।
पुलिस ने दो डॉक्टरों के पैनल से कंकाल के सिर का एक्स-रे कराकर पोस्टमार्टम कराया था। रिपोर्ट में कुछ स्पष्ट न होने पर बिसरा प्रिजर्व हुआ था। एसएचओ ने बताया कि केस की तफ्तीश तेज कर दी गई है।