स्वच्छता पर डीएम का रूख सख्त, कार्रवाई की चेतावनी
बस्ती। सीएम योगी की जीरो टॉलेंस नीति का असर दिखने लगा है। डीएम आशुतोष निरंजन पूरे एक्शन में हैं। शौचालय निर्माण में शिथिलता बरतने पर डीएम ने दनादन कार्रवाई की है। 270 ग्राम प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दो प्रधानों पर मुकदमा भी दर्ज कराया है। तीन ग्राम प्रधानों का पावर सीज कर दिया है। कई सचिवों और एडीओ पर भी कार्रवाई की गई है।
सोमवार को डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार में अब तक की गई कार्रवाई की प्रेसवार्ता कर जानकारी दी। साथ ही लापरवाह ग्राम प्रधानों और सचिवों तथा अधिकारियों की कलई खोली। डीएम ने बताया कि बेस लाइन सर्वे 2012 एवं एलओबी के अनुसार तीन लाख 58081 शौचालय विहीन परिवार पाए गए। इसमें से 39 हजार 969 त्रुटिपूर्ण नाकों को डिलिट करने के लिए मॉर्क कर दिया। बताया कि इस तरह तीन लाख 18 हजार 112 शौचालय विहीन परिवार पाए गए। कहा कि नौ फरवरी 2020 तक 94.02 प्रतिशत शौचालयों का जियो टैग करा लिया गया है। जिसमें से 84.05 प्रतिशत फोटो सत्यापित कर लिए गए हैं। कहा कि सत्यापित शौचालयों के मामले में जनपद 27 वें स्थान पर है। शेष शौचालयों के फोटो 28 फरवरी तक सत्यापित करने का लक्ष्य रखा गया है। डीएम ने कहा कि 53 हजार 703 शौचालय सत्यापित नहीं हुए हैं। कहा कि लाभार्थियों को ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव द्वारा या तो धनराशि नहीं दी गई थी, या तो शौचालय निर्माण नहीं हुआ था। डीएम ने 42 ग्राम पंचायत सचिवों को आरोप पत्र भी दिए और तीन ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया। 12 सचिवों का एक माह का वेतन वृद्घि स्थाई रूप से बाधित किया, इसके अलावा 14 सहायक विकास अधिकारी पंचायत को प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ ही तीन सहायक विकास अधिकारी का एक माह का वेतन वृद्घि भी स्थाई रूप से बाधित कर दिया। डीएम ने बताया कि यूनिवर्सल सैनिटेशन कवरेज के तहत जनपद में कुल 27650 परिवार पाए गए हैं, एक माह में पूर्ण कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी शुरुआत 15 फरवरी से होगा। कहा कि उक्त लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए प्रतिदिन विकास खंडों का लक्ष्य 988 निर्धारित किया गया है, जिसके लिए खंड विकास अधिकारी व सहायक विकास अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है।