बस्ती। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की जानकारी लेने के लिए डीएम रवीश गुप्ता मंगलवार को यूपी बड़ौदा बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे। उन्होंने ऋण आवेदनों की जानकारी मांगी। इस दौरान अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की।
क्षेत्रीय प्रबंधक यूपी बड़ौदा ने अवगत कराया कि योजना के तहत कुल 406 आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे। इसके सापेक्ष 103 लाभार्थियों का ऋण विभिन्न बैंक शाखाओं द्वारा स्वीकृत किया गया है। अभी तक 65 लाभार्थियों में ऋण वितरित पाया गया। लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति काफी कम होने पर डीएम ने नाराजगी जताई। इस दौरान पाया गया कि कुल 268 आवेदन पत्र निरस्त कर दिए गए हैं। निरस्त पत्रावलियों की डीएम ने समीक्षा की।
जिन शाखा प्रबंधकों द्वारा एक भी आवेदन पत्र पर ऋण नहीं दिया गया या अधिक संख्या में आवेदन पत्र निरस्त पाए गए उनसे डीएम ने दूरभाष पर वार्ता भी की। शाखा प्रबंधक बरदही बाजार एवं लाभार्थी महिमा प्रजापति जिनका आवेदन पत्र निरस्त किया जा चुका है। दोनों से कांफ्रेंस के जरिये डीएम ने संवाद किया। लाभार्थी द्वारा अवगत कराया गया कि बैंक द्वारा कोटेशन एवं प्रोजेक्ट रिपोर्ट मांगे गए थे, जो बैंक को समय से उपलब्ध करा दिया गया था। दोबारा कई तरह के प्रपत्र यथा 100 रुपये के स्टांप पर चार नोटरी मांगी गई थी। जिससे परेशान होकर लाभार्थी द्वारा ऋण लेने से मना कर दिया गया।
डीएम ने क्षेत्रीय प्रबंधक को निर्देशित किया कि ऐसे शाखा प्रबंधकों के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शाखा प्रबंधक महाराजगंज, कुदरहा, कप्तानगंज एवं लालगंज से भी डीएम ने वार्ता की। इन लोगों से फाइलों के निरस्तीकरण का कारण पूछा गया। डीएम ने कहा कि अनावश्यक रूप से पत्रावलियों को निरस्त न किया जाए।