बस्ती। रामपुर खास गांव में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की निर्माण प्रगति देखने शुक्रवार को डीएम डॉ. राजशेखर पहुंचे। भौतिक सत्यापन में डीएम को अब तक 50 प्रतिशत प्रगति की जानकारी दी गई। मेडिकल कॉलेज के भीतर जाने वाली सड़क को शिफ्ट करने के निर्देश देते हुए पीडब्लूडी को प्रस्ताव देने के लिए कहा।
रामपुर में 120 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज निर्माणधीन है। अगले सत्र में मेडिकल कॉलेज को रन करने के लिए जरूरी शिक्षण संकाय, नर्सों और अधिकारियों के लिए आवासीय परिसर के अलावा मुख्य प्रशासनिक भवन व टीचिंग रूम का प्रथम चरण में कार्यदायी संस्था को दिसंबर 2018 तक का लक्ष्य तय किया गया है।
डीएम ने बताया कि जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज तक जाने वाली करीब छह किलोमीटर सड़क निर्माण की शासन स्तर से संस्तुति/स्वीकृति के अंतिम चरण में है। सात मीटर चौड़ी इस सड़क निर्माण की अनुमानित लागत लगभग 12 करोड़ है। इसका कार्य मानसून के बाद शुरू कराया जाएगा, जो छह से आठ माह में पूर्ण हो जाएगा। गुणवत्ता की जांच के लिए स्थापित प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। गुणवत्ता जांच रिपोर्ट पर एक नजर डाली। जांच के तौर-तरीकों को भी जाना। थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच हर तीन महीने में एक बार आईआईटी, बीएचयू से कराने की हिदायत दी। प्रोजेक्ट मैनेजर को निर्देश दिए कि वह प्रत्येक माह की पांचवीं तारीख को निर्माण प्रगति का ब्योरा प्रस्तुत करें। ताकि पहले चरण का काम दिसंबर 2018 तक पूरा हो सके। इस मौके पर सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा, एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल, तहसीलदार अनिल कुमार रस्तोगी के अलावा कार्यदायी संस्था के अधिकारी मौजूद रहे।
कैली में 10 शैय्यायुक्त डायलसिस यूनिट
बस्ती। डीएम राजशेखर निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की स्थिति जांचने के बाद ओपेक चिकित्सालय कैली पहुंचे। यहां सीएमएस डॉ. सोमेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में दो माह के भीतर 10 शैय्यायुक्त डायलसिस यूनिट स्थापित हो जाएगी। इसके अलावा डीएम ने पीएम जन औषधि केंद्र व सफाई इंतजाम का जायजा लिया। बताया गया कि यहां की प्रतिदिन ओपीडी 800 मरीजों की है। सीएमएस ने डीएम से अस्पताल में डॉक्टरों की उपलब्धता पर भी चर्चा की। इसके अलावा सॉलिड वेस्ट मेडिको कचरा के निस्तारण व अपूर्ण कार्यों पर भी डीएम ने कार्यदायी संस्था को दस अगस्त तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
डीएम ने 18 दुकनोंथ पर लगवाया ताला
बस्ती। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज और ओपेक चिकित्सालय कैली का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम डॉ राजशेखर की नजर एक पैथालॉजी पर पड़ गई। जिसका शटर गिराकर सेंटर का मालिक ताला बंद कर रहा था। जब डीएम ने बुलाया तो वह भाग निकला। इसके बाद डीएम को जानकारी हुई कि यहां तमाम दुकानें अवैध ढंग से संचालित हो रही हैं। इस पर उन्होंने दुकानों के अभिलेख आदि जांच किए। कमियां पाए जाने पर 18 दुकानों पर ताला लगवा दिया।
डीएम ने गठित की जांच कमेटी
बस्ती। ओपेक चिकित्सालय कैली गेट पर संचालित दवा और पैथालॉजी की 18 दुकानों को सीज करने के बाद देर शाम डीएम ने इसके लिए जांच कमेटी गठित कर दी। कमेटी में मजिस्ट्रेट, पुलिस, वाणिज्य कर जीएसटी अधिकारी, बिजली विभाग व ड्रग विभाग के अधिकारियों को शामिल किया है। यह अधिकारी सीज दुकानों की जांच कर तीन दिन में डीएम को रिपोर्ट देंगे।