दुबौलिया। ब्लॉक के कटरिया चांदपुर तटबंध का हाल जानने शुक्रवार को डीएम सुशील कुमार मौर्य मय दलबल पहुंच गए। सीडीओ अरविंद पांडेय के साथ सुबह 11 बजे पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और मरम्मत कार्य में आ रही परेशानियों को जाना।
तटबंध पर पहुंचे अधिकारियों को बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता डीके त्रिपाठी और एसडीओ जितेंद्र कुमार से तटबंध की मरम्मत में आ रही समस्याओं के बारे में धनाभाव की कमी बताई। प्रशासनिक अधिकारियों को बताया गया कि कटरिया चांदपुर तटबंध मरम्मत के लिए 52 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मुख्यमंत्री परियोजना में स्वीकृति के लिए प्रस्तावित किया गया है। यदि तत्काल 12 करोड़ मिल जाए तो मरम्मत का कार्य शुरू हो जाएगा। कटरिया चांदपुर पर करीब दो किलोमीटर तटबंध बदहाल है लेकिन अभी तक इसका मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है। यहां के ग्रामीणों ने पिछले दिनों प्रभारी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह व क्षेत्रीय विधायक चन्द्र प्रकाश शुक्ला से भी मिल कर जल्द से जल्द बांध मरम्मत की मांग की थी, मगर अब तक कार्य शुरू नहीं हो सका है। जबकि मानसून की आहट होने लगी है, जिससे ग्रामीणों के होश उड़ गए हैं। इस मौके पर अवर अभियंता संजय यादव, स्वप्निल श्रीवास्तव, एपी सिंह, सुनील सिंह, चतुरगुन राजभर, भगवान बक्स सिंह, प्रवीन कुमार, उमेश सिंह, अरमान सिंह, गणेश पाठक आदि मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, जल सत्याग्रह की चेतावनी
बाढ़ खंड अधिकारियों के साथ तटबंध का हाल जानने पहुंचे डीएम सुशील कुमार मौर्य के आने की भनक लगते ही ग्रामीण वहां एकत्रित हो गए। दस मिनट तक तटबंध का आदेश निर्देश देने के बाद डीएम का काफिला पिपरपाती के लिए निकल लिया। डीएम के जाने की सूचना से नाराज ग्रामीणों ने अवर अभियंता एपी सिंह की गाड़ी के आगे खड़े होकर प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों ने डीएम पर औपचारिकता निभाने का आरोप लगाया गया। ग्रामीण चैतू, अरमान, किरन, श्रीमती, जगपता, सोनपती, अनारा, राम दुलारे, सनी, भवानी भीख आदि का कहना है कि जर्जर बंधा पिछले बरसात में कई बार कटने से बचा था। इस बार भी मानसून की दस्तक चंद रोज बाद शुरू हो जाएगी, मगर तटबंध की मरम्मत शुरू नहीं हो सकी है। चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द मरम्मत शुरू नहीं हुई तो ग्रामीण घाघरा नदी में जल सत्याग्रह छेड़ेंगे।
रामपुर तटबंध का भी जायजा लिया
कुदरहा। शुक्रवार को डीएम सुशील कुमार मौर्य, सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय ने बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता डीके त्रिपाठी के साथ कलवारी रामपुर तटबंध कर जायजा लिया। यहां विगत कई वर्ष से पिपरपाती, मटियरिया और टेगरिहा गांवों के सामने तटबंध को बचाने के लिए बनाये गये छोटे बड़े 29 स्परों की वर्तमान स्थिति जांची। मौके पर मौजूद एसबीआई सहायक अभियंता शेषनाथ सिंह, अवर अभियंता आरके नायक, पीके पांडेय एवं पीएन गुप्ता को निर्देश दिया कि बंधे के बचाव के लिए समय से जरूरी कदम उठाए जाएं। बंधों को समय से व्यवस्थित कर लिया जाए, जिससे बाढ़ की दशा में गांवों को नुकसान से बचाया जा सके।