डीएम ने 23 आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय रोकने के दिए निर्देश
जिले में 20 हजार 771 लोग गंभीर बीमारी से ग्रसित
बस्ती। जिले में 20 हजार 771 लोग गंभीर बीमारियों से ग्रस्ति हैं। डीएम आशुतोष निरंजन ने इस पर असंतोष व्यक्त करते हुए 23 आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय रोकने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस लाइंस सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में मरवटिया, साऊंघाट, कप्तानगंज तथा सल्टौआ में सबसे कम गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति चिह्नित किए गए हैं। एमओआईसी को इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। डीएम ने पाया कि अन्य विकास खंडों में एक हजार से अधिक गंभीर रोग से ग्रसित व्यक्ति चिह्नित हुए हैं। उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देश दिए कि ऐसे चिह्नित व्यक्तियों का डाटा प्रत्येक दिन पोर्टल पर अपलोड कराएं। बताया कि जिले में कुल 20771 व्यक्ति गंभीर रोग से ग्रसित हैं। डीएम ने कहा कि शासन ने ऐसे व्यक्तियों की निगरानी करने पर विशेष हिदायत दी है। इसमें 60 वर्ष से अधिक आयु, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती व गंभीर रोगों से बीमार लोगों को चिह्नित करते हुए उनकी निगरानी की जानी है। ऐसे व्यक्तियों के घरों पर झंडा चस्पा किया जाना है तथा हर तीसरे दिन आशा कार्यकर्ताओं को उनकी जानकारी हासिल करनी होगी। कहा कि प्रतिदिन ऐसे 50 व्यक्तियों का नमूने इकट्ठा किया जाएगा, लेकिन अभी किसी भी सीएचसी व पीएचसी द्वारा यह लक्ष्य पूरा नहीं किया गया है। अधिकांश एमओआईसी ने बताया कि नमूने इकट्ठा किया जा रहा है। फीडिंग की कार्रवाई इंटरनेट न होने के कारण धीमी है।
इस दौरान सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीना, सीएमओ डॉ. जेपी त्रिपाठी, एसीएमओ डॉ. सीके वर्मा, एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ला, नीरज प्रसाद पटेल, आशाराम वर्मा, डीपीआरओ विनय सिंह, कार्यक्रम अधिकारी सावित्री देवी आदि मौजूद रहीं।