छह सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर बुधवार को डीएम कार्यालय पर जिले भर के लेखपाल एकत्रित होकर धरना दिया। धरना जिलाध्यक्ष रामसुमेर की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने कहा कि सरकार लेखपालों के मांगो को लेकर गंभीर नहीं है। संचालन बाल कृष्ण उपाध्याय ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए लेखपाल नरेंद्र बहादुर उपाध्याय ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता के चलते लेखपालों को हड़ताल करने के लिए बाध्य होना पड़ा। कहा कि एसीपी की विंसगंतियां, वेतन उच्चीकरण, अनिवार्य शैक्षिक अहर्ता बढ़ाने, मंडलीय कैडर व स्थानान्तरण नीति में संशोधन करने, पदोन्नाति और पुरानी पेंशन को लागू करने में काफी दिनों से हीलाहवाली कर रही है। कहा कि बाध्य होकर लेखपालों को हड़ताल करना पड़ रहा है। कहा कि एक ही समय लेखपालों को कई स्थानों पर कार्यो को निपटाने का कार्य कर रहे हैं, और सरकार इसके एवज में मात्र सौ रुपये का पेट्रोल भत्ता देती है।
कहा कि सरकार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 1800 रुपये का वेतन मान देती है, और लेखपालों को महज दो हजार का वेतन देती है। जुगुल किशोर वर्मा ने बताया कि 29 अगस्त तक जनपद के सभी लेखपाल जनपद मुख्यालय पर एकत्रित होकर हड़ताल पर रहेंगे। उसके बाद 30 अगस्त को प्रदेश भर के लेखपाल विधानसभा का घेराव करेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार लेखपाल सवंर्ग के साथ अन्याय कर रही है। इस मौके पर अशोक कुमार तिवारी, धमेंद्र कुमार, िविधर द्विवेदी, अंजनी नंदन शरण, रणधीर सिंह, सतीश कुमार श्रीवास्तव, अनिल कुमार मिश्र, शिव मूरत प्रसाद, विजय कुमार श्रीवास्तव, शंकर, सहदेव वर्मा, सुरेश उपाध्याय, अजय वर्मा, जियालाल, अजय श्रीवास्तव, रमेश श्रीवास्तव, राम सिंगार, रविंद्र, लक्ष्मण प्रसाद, जयराम गौतम, रामसागर और मनोज उपाध्याय, सुनील तिवारी, हीरालाल, गंगा प्रसाद, महेंद्र सिंह, जैराम गौतम, दयाराम चौधरी, राम सजीवन गुप्त, सुरेश पटवा, रफीक अहमद, राजेश्वरी उपाध्याय, अनिल मिश्र, देवेंद्र पाल, ईश्वरचंद्र, रामरेखा, विनोद श्रीवास्तव, हरि ओम सहित अन्य लेखपाल मौजूद रहे।