बस्ती। सहालग के इस सीजन में दूल्हे राजा की बरात शहर, कस्बा और गांव में डीजे के शोर के बीच निकल रही है। कर्कश ध्वनि वाला बैंड बाजा भी खूब बज रहा है। जिस रास्ते बरात निकल रही है आसपास के घरों के दरवाजे और खिड़कियां तीव्र ध्वनि से हिलने लग रहे हैं।
शोरगुल के इस माहौल में बोर्ड परीक्षार्थियों की तैयारी चौपट हो रही है। वह रात के समय एकाग्रता से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। बुजुर्गों और कमजोर दिल वालों को अधिक तीव्रता की ध्वनि से हार्ट अटैक का डर सता रहा है। मैरिज हाॅल के आसपास की आबादी का तो नींद-चैन सब गायब हो गई है।
ब्लॉक रोड व मालवीय रोड पर सबसे अधिक मैरिज लॉन है। सहालग शुरू होते ही इन इलाकों में रहने वालों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। मालवीय रोड के रहने वाले रमेश चंद्रा ने बताया कि खुशी की खुमारी ऐसी कि दूसरों की परेशानी की कोई चिंता नहीं है। शादी के जश्न में डीजे का शोर ध्वनि प्रदूषण का स्तर बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि आतिशबाजी के दौरान बारूद के धुएं वायु की गुणवत्ता बिगाड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण का स्तर बर्दाश्त के बाहर होता जा रहा है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साइलेंस जोन में औद्योगिक क्षेत्र से भी ज्यादा शोर आंका जा रहा है।
कटरा के रहने वाले रोहित पांडेय ने बताया कि साइलेंस जोन में 40 डेसिबल से ज्यादा शोर प्रतिबंधित है, जबकि औद्योगिक क्षेत्र में सबसे ज्यादा 70-75 डेसिबल का मानक है। ब्लॉक रोड, सिविल लाइंस, मालवीय मार्ग जैसे साइलेंस जोन में गाड़ियों के तेज हॉर्न, बरात, डीजे और जुलूस के शोर से प्रदूषण का स्तर 90- 100 डेसिबल से भी ऊपर पहुंच जा रहा है। यही वजह है कि शहर भर के तमाम आवासीय क्षेत्रों में बुजुर्ग, अस्पतालों में बीमार और स्कूल-कॉलेजों के छात्र परेशान हैं।
जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. एके दूबे ने बताया कि आप साइलेंट जोन में भले रहते हों, लेकिन शोरगुल वाले माहौल में काम करते हैं तो साल में एक बार सुनने की क्षमता की जांच जरूर करा लें। ऐसा भी हो सकता है कि आप खुद को फिट समझते हों, पर जांच में बीमारी सामने आ जाए। लोग बताते हैं कि बरात में डीजे विवाद की बड़ी वजह बनता जा रहा है। कई बार बरात में भी उद्दंड किस्म के लोग विवाद करने लगते हैं। पुरानी बस्ती निवासी राजेश यादव बताते हैं कि वह एक बरात में गए थे। वहां डीजे वाले ने नाचते समय गाना बंद कर दिया तो दूल्हे का भाई ही डीजे वाले को पीटने लगा। कटरा के दीपक बताते हैं डीजे की वजह से जिस भी बरात में जाते हैं वहां द्वार पूजा से दूर ही रहते हैं। द्वार पूजा में ही सबसे ज्यादा उद्दंडता होती है।