जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शनिवार को नामांकन के दिन भाजपा के संजय चौधरी और समाजवादी पार्टी के समर्थित प्रत्याशी वीरेंद्र चौधरी ने पर्चा दाखिल किया। संजय ने तीन सेट और वीरेंद्र ने एक सेट में पर्चा दाखिल किया। जांच के बाद सीडीओ डॉ. राजेश प्रजापति ने दोनों प्रत्याशियों का पर्चा वैध होने की घोषणा की है। अब तीन जुलाई को कलक्ट्रेट में मतदान होगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पिछले तीन दिनों से काफी खींचतान है। भाजपा के प्रत्याशी घोषणा के बाद से ही विपक्षी राजनीतिक दलों में प्रत्याशी को लेकर उहापोह के बीच समाजवादी पार्टी ने वीरेंद्र कुमार चौधरी को अपना प्रत्याशी घोषित किया, जबकि बसपा ने वाकओवर दे दिया। यानी उसने अपना समर्थन किसी को नहीं दिया। नतीजतन मैदान में आमने-सामने सत्तारुढ़ भाजपा और सपा के समर्थित प्रत्याशी आमने-सामने हैं। शनिवार की सुबह 10.30 बजे भाजपा प्रत्याशी अपने समर्थकों तथा प्रस्तावकों के साथ कलेक्ट्रेट स्थित केंद्र पर पर्चा दाखिल करने पहुंचे।
उन्होंने 11 से लेकर दो बजे तक तीन सेट में पर्चे दाखिल किए। उनके समर्थक व प्रस्तावक खुशबू सिंह, गुड़िया पांडेय, मुराती देवी, राजेंद्र चौधरी, अमृता सिंह और स्वाति सिंह रहीं। भाजपा समर्थित संजय के पर्चा दाखिला के समय सांसद हरीश द्विवेदी, जिलाध्यक्ष महेश शुक्ल, विधायक दयाराम चौधरी, संजय प्रताप जायसवाल, अजय सिंह, सीपी शुक्ल व रवि सोनकर मौजूद रहे।
इधर समाजवादी पार्टी के समर्थित प्रत्याशी वीरेंद्र चौधरी करीब 12.30 बजे पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी के आवास से निकले। उनके साथ पूर्व मंत्री के अलावा जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव के अलावा प्रस्तावक और समर्थक भी मौजूद रहे। करीब एक बजे वीरेंद्र ने प्रस्ताव शंकर यादव तथा समर्थक राजबहादुर चौधरी के साथ पर्चा दाखिल किया। बाद में चुनाव अधिकारी सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने बताया कि दोनों प्रत्याशियों के पर्चों की जांच की गई, जो वैध पाए गए।
उल्लेखनीय है कि इसके पहले नामांकन के दौरान सुबह से ही कलेक्ट्रेट परिसर में भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लग गया। नामांकन दाखिल करने के बाद भी भाजपा उम्मीदवार संजय चौधरी और कार्यकर्ता कलक्ट्रेट परिसर में ही जमे रही। इधर जब सपा उम्मीदवार नामांकन के लिए पहुंचे तो दोनों तरफ से जमकर नारेबाजी हुई। इस दौरान भाजपा और सपा के कुछ कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने किसी तरह से दोनों को शांत कराया।