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आठ चिकित्सक, तीन निश्चेतक व 11 पैरामेडिकल स्टाफ संभालेंगे पीआईसीयू

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आठ चिकित्सक, तीन निश्चेतक व 11 पैरामेडिकल स्टाफ संभालेंगे पीआईसीयू
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तीसरी लहर के लिए जिला अस्पताल में पीआईसीयू तैयार
तीस शैय्यायुक्त पीआईसीयू में पाइप लाइन से ऑक्सीजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मद्देनजर स्वास्थ्य महकमे ने सतर्कता बढ़ा दी है। इस बार बच्चों के कोरोना से प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में तीस वेंटीलेटर युक्त बेड तैयार किए गए हैं। इन सभी पर ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट से सीधे ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी, जबकि यहां वेंटीलेटर के अलावा अन्य संसाधन भी उपलब्ध कराए गए है। नॉन कोविड जिला चिकित्सालय में परिस्थिति के अनुसार, पीआईसीयू को कोविड वार्ड में बदला जा सकता है। इसके लिए आठ चिकित्सक, तीन निश्चेतक व 11 पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है।
ओमिक्रॉन के रूप में तीसरी लहर की संभावना के चलते तंत्र एक बार फिर से कोरोना की चुनौती से निपटने की तैयारी में जुटा है। एक ओर जहां जिले के विभिन्न स्थानों पर स्थापित लेवल वन के कोरोना अस्पतालों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जिला चिकित्सालय के चिल्ड्रेन वार्ड को और सुसज्जित किया गया है। तीस वेंटीलेटर युक्त बेड तैयार कर लिए गए हैं। पहले यहां सिलेंडर से ऑक्सीजन की आपूर्ति का भी सिस्टम बदल गया है। अब इन वेंटीलेटर युक्त बेड पर आक्सीजन की आपूर्ति सीधे प्लांट से होगी। इसके लिए पाइप लाइन भी बिछा दी गई है। विषम परिस्थितियों में इसका प्रयोग होने में कोई बाधा न आए, इसके लिए मॉकड्रिल कराया गया है। इसके अलावा वार्ड में मॉनीटर भी लगाए गए हैं, जो बीमार बच्चों का ऑक्सीजन लेवल व हार्ट बीट व ब्लड प्रेशर का स्तर बताता रहेगा। वार्ड के संचालन को चिकित्सकों व स्टाफ को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
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जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. आलोक कुमार वर्मा ने कहा कि तीसरी लहर में बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव की आशंका को देखते हुए शासन के निर्देश पर यहां तीस वेंटीलेटर युक्त बेड के अलावा चिल्ड्रेन वार्ड को अत्याधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया गया है।
एक हजार एलपीएम की क्षमता का है ऑक्सीजन प्लांट
एसआईसी डॉ. आलोक वर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल में पीआईसीयू सहित विभिन्न वार्डों में पाइप लाइन से ऑक्सीजन आपूर्ति की जा रही है। जिला अस्पताल में एक हजार एलपीएम यानी लीटर प्रति मिनट क्षमता वाला आक्सीजन प्लांट स्थापित है। आपात काल के लिए सिलिंडर भी मौजूद है। कहा कि वैसे तो जिला अस्पताल नॉन कोविड हास्पिटल है, मगर परिस्थिति के अनुसार शासन का दिशा निर्देश होगा तो उसमें कोविड के बच्चों का इलाज शुरू कर दिया जाएगा।
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आठ बाल रोग विशेषज्ञ व तीन एनेस्थेटिक की तैनाती
बच्चों को तीसरी लहर से बचाने के लिए जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञों की पूरी टीम के साथ तीन एनेस्थेटिक की भी तैनाती है। वेंटीलेटर संचालन में निश्चेतक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जबकि पीआईसीयू के लिए संविदा के छह के अलावा पांच स्थायी स्टाफ नर्स संचालन के लिए तैनात हैं। सभी को वेंटीलेटर संचालन का प्रशिक्षण कराया गया है।
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