बस्ती। महीने के दो दिन तहसीलाें में आयोजित होने वाला समाधान दिवस एक अलग किस्म का व्यवधान बन गया है। माह के प्रथम और तीसरे शनिवार को जिला स्तरीय अधिकारी समाधान दिवस के नाम पर दफ्तर में नहीं बैठते, तहसील पहुंचने पर सिर्फ शिकायत दर्ज कराने का कोरम पूरा हो रहा है। शनिवार को जिले के चारों तहसीलों में आयोजित समाधान दिवस में 227 मामलों की सुनवाई की गई, मौके पर 22 मामले का निस्तारण किया जा सका।
बता दें कि सदर तहसील में जिला स्तरीय समाधान दिवस में सुबह 10 बजे तक सुनवाई शुरू हो गई। तहसील भवन के बरामदे में फरियादियों के प्रार्थना पत्र का पंजीकरण किया जा रहा था। दिन में 11 बजे तक 48 प्रार्थना पत्र दर्ज हो चुके थे। कुछ मामलों में अधिकारियों ने सुनवाई भी की थी, मगर अधिकांश फरियादी संतुष्ट नजर नहीं आए। नगर बाजार से आए भानु प्रकाश ने कहा कि वह तीसरी बाद इस समाधान दिवस में आए हैं। हर बार प्रार्थना पत्र लेकर वापस भेज दिया जाता है।
वहीं सभागार के बाहर मुंडेरवा से परिवार के साथ आए फरियादी रसीद फर्श पर ही बैठकर न्याय की गुहार लगा रहे थे। जबकि तहसील गेट पर हत्या के एक मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के लिए काफी संख्या में लोग धरने पर बैठे रहे। यहां डीएम कृत्तिका ज्योत्सना और एसपी डॉ. यशवीर ने सुनवाई की। कुल 90 मामले दर्ज किए गए और मौके पर सिर्फ छह मामलों का निस्तारण किया गया। इस दौरान तहसील परिसर में फरियादियों की भारी भीड़ रही।
भानपुर तहसील में कुल 37 मामले आए, मौके पर सिर्फ तीन का निस्तारण किया गया। सर्वाधिक 28 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं, इसमें भूमि चिह्नांकन का मामला ज्यादा रहा। सल्टौआ ब्लाॅक के निबिया बहरामपुर के राम प्रकाश ने बताया कि घर के नाली निर्माण के लिए वह 10 बार प्रार्थना पत्र दे चुके हैं लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। रामनगर ब्लाॅक के चिरई बुजुर्ग गांव की सोना देवी ने बताया कि उनकी जमीन पर देवर कब्जा करके घर बनवा रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
रुधौली तहसील में आयोजित समाधान दिवस में सीडीओ सार्थक अग्रवाल ने सुनवाई की, यहां कुल 51 मामले आए, मौके पर सिर्फ छह का निस्तारण किया गया। करमा कला गांव की आरती ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके पट्टीदार उनके हिस्से की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। पिछले कई बार समाधान दिवस में आने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पैड़ा गांव निवासी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि ग्राम पंचायत में हुए घोटाला की शिकायत की थी। जिसमें जिम्मेदारों ने फर्जी रिपोर्ट लगा दिया।
मझौवा कला द्वितीय की विफराजी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2013 में गांव में एक जमीन का बैनामा लिया था। गांव के कुछ लोग उस पर निर्माण नहीं करने दे रहे हैं। वहीं हर्रैया तहसील में सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती ने सुनवाई की। कुल 49 मामले दर्ज हुए। इसमें से सात मामलों का निस्तारण किया गया।
फरियादी बोले- बिना सुनवाई लगा दी जा रही निस्तारण की रिपोर्ट
सदर तहसील के विस्तौली गांव में मेरी जमीन है। कुछ दबंग लोग जमीन कब्जा नहीं करने दे रहे हैं। कई बार थाने पर गई कोई सुनवाई नहीं हुई। तहसील दिवस में भी प्रार्थना पत्र चार बार से दे रहे हैं। जिम्मेदार झूठी रिपोर्ट लगाकर निस्तारण दिखा दे रहे हैं।
-निर्मला देवी, विस्तौली।
हमें मुख्यमंत्री स्तर से पट्टे की जमीन आवंटित हुई है। गांव के ही कुछ नहर के बगल से सार्वजनिक रास्ता से आना जाना बंद करना चाहते हैं। इसी खुन्नश को लेकर मेरे पति रसीद और बेटे को मारापीटा गया है। थाने पर गए तो प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। अब तहसील दिवस में आए हैं, यहां भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
-आमिना, रेवली, मुंडेरवा।
-
तहसील और थाना दिवस में सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाने के लिए चार वर्ष से प्रार्थना पत्र दे रहा हूं। तहसील प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। हर बार आश्वासन देकर वापस भेज दिया जा रहा है। बाद में झूठी रिपोर्ट लगाकर मामला निस्तारित दिखा दिया जा रहा है।
-रामलौट, खम्हरिया गंगाराम, हर्रैया।
-
गांव के सरकारी तालाब पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। जिसकी शिकायत दस से अधिक बार कर चुका हूं। तहसील प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। समाधान दिवस सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है।
-रामपाल सिंह, पिपराकाजी, पैकोलिया।