स्पा सेंटर की आड़ में जिस्मफरोशी कराने वाले हापुड़, गोरखपुर, महराजगंज और संतकबीरनगर के चार धंधेबाज भी पकड़े गए थे। इस कार्रवाई के बाद कुछ अड्डों और स्पा सेंटरों पर ताला लग गया है। अब चर्चा में शहर के संदिग्ध होटल आ गए हैं। बताया जा रहा हैं कि मालवीय रोड, रोडवेज बस स्टेशन, जिगिना मार्ग, पटेल चौक से हंडिया चौराहे के बीच छह-सात ऐसे होटल संचालित हैं, जहां चेहरा ढके महिलाओं-युवतियों का आना-जाना लगा रहता है।
शहर के स्पा सेंटरों पर छापे में बड़े पैमाने पर जिस्मफरोशी का खुलासा हो चुका है। हापुड़, महराजगंज और संतकबीरनगर के लोगों द्वारा संचालित इन अड्डों पर कानपुर और प्रयागराज तक की महिलाएं पकड़ी गईं थीं। बताया जा रहा है कि शहर के अलग-अलग इलाकों में कुछ ऐसे संदिग्ध होटल भी संचालित हैं, जहां यह गंदा धंधा जारी है, लेकिन फिलहाल उन पर परदा पड़़ा हुआ है।
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बीते नवंबर में हर्रैया में हाईवे पर संचालित एक होटल की जांच में बड़े रैकेट का खुलासा हो चुका है। शहर और पॉश इलाकों में संचालित कई होटल संदिग्ध हैं। स्पा सेंटरों पर कार्रवाई के बाद ये होटल चर्चा में हैं। सफेदपोशों के संरक्षण में संचालित इन होटलों पर कार्रवाई न होने तक धंधा दबा-छिपा है।
पिछले सप्ताह एसपी अभिनंदन के निर्देश पर एएसपी श्यामकांत और सीओ सिटी सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी की निगरानी में पुलिस टीमों ने शहर के पॉश इलाकों में संचालित चार स्पा सेंटरों पर छापेमारी की थी, जहां गोरखपुर, प्रयागराज, कुशीनगर और कानपुर की रहने वाली 14 महिलाएं पकड़ी गईं थीं।
स्पा सेंटर की आड़ में जिस्मफरोशी कराने वाले हापुड़, गोरखपुर, महराजगंज और संतकबीरनगर के चार धंधेबाज भी पकड़े गए थे। इस कार्रवाई के बाद कुछ अड्डों और स्पा सेंटरों पर ताला लग गया है। अब चर्चा में शहर के संदिग्ध होटल आ गए हैं।
बताया जा रहा हैं कि मालवीय रोड, रोडवेज बस स्टेशन, जिगिना मार्ग, पटेल चौक से हंडिया चौराहे के बीच छह-सात ऐसे होटल संचालित हैं, जहां चेहरा ढके महिलाओं-युवतियों का आना-जाना लगा रहता है। इन होटलों में आने वाले शौकीन अपनी गाड़ी होटल से दूर खड़ी करते हैं। सूत्रों के मुताबिक संदिग्ध होटलों के कर्मचारियों ने मोबाइल के जरिये नेटवर्क बना रखा है। शौकीनों को मोबाइल पर ही पूरी व्यवस्था बताई जाती है।
नौकरी का लालच देकर महिलाओं को झांसे में लेते हैं शातिर
गंदे धंधे के मास्टरमाइंड का बड़ा नेटवर्क है। इसमें पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल हैं। रैकेट से जुड़े एजेंट आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों और महिलाओं को नौकरी या अच्छी कमाई का प्रलोभन देकर मास्टरमाइंड तक पहुंचाते हैं।
स्पा सेंटरों की जांच में इस तरह के तथ्य पुलिस के सामने आए हैं। पिछले दिनों की कार्रवाई में स्पा सेंटरों में पकड़ी गईं अधिकतर महिलाएं गरीब परिवारों से थीं। इनमें कुछ विधवा और तलाकशुदा भी थीं। जिनकी मजबूरी का फायदा धंधेबाज उठा रहे थे।