बस्ती। पुरानी ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं के मरम्मत कार्य में अनियमितता की शिकायतों के बीच जलनिगम निदेशालय ने सख्ती बढ़ा दी है। जिले की 125 चालू परियोजनाओं में मरम्मत के दोनों चरण का कार्य 30 सितंबर तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शासन से नामित तीसरी संस्था से मरम्मत कार्यों का सत्यापन कराना भी अनिवार्य किया गया है। निदेशालय की सख्ती के बाद विभाग में हलचल बढ़ गई है।
दरअसल, पुरानी ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं के मरम्मत कार्य कुछ विभागीय अधिकारियों द्वारा अपने चहेतों से कराए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। साऊघाट और रामनगर ब्लॉक में इसे लेकर चर्चा रही है। विभागीय सूत्रों का दावा है कि रामनगर ब्लॉक के सगरा, आदमपुर, तुसैवल, खम्हरिया, असनहरा, तुरकौलिया उर्फ करमहिया, बेलगड़ी, अहिरौली और भोलापुर समेत कई गांवों में डीपीआर बढ़ाकर मरम्मत कार्य का एमबी तैयार कराया गया। आरोप है कि मौके पर डीपीआर के अनुरूप काम नहीं कराया गया। मरम्मत कार्य के लिए नामित एक निजी कंपनी से विभागीय जिम्मेदारों की कथित सांठगांठ की भी चर्चा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि मामला निदेशालय तक पहुंचने के बाद एमडी ने अधिकारियों से जवाब-तलब किया। इसके बाद स्थानीय स्तर पर पहले और दूसरे चरण के मरम्मत कार्यों में तेजी लाने का दबाव बढ़ गया है।
पहले चरण का कार्य भी अधूरापुरानी पेयजल परियोजनाओं के मरम्मत कार्य को दो चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण में लीकेज, चोकिंग और पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य होना था लेकिन कई परियोजनाओं में यह कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। विभागीय जानकारों के अनुसार, साऊघाट, रामनगर और सल्टौआ ब्लॉक की कुछ परियोजनाओं में कार्य पूर्ण दिखाकर भुगतान भी किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इन कार्यों का सत्यापन नहीं कराया गया है। निदेशालय ने अब दोनों चरणों के कार्य 30 सितंबर तक पूरा कराने की समयसीमा तय की है। दूसरे चरण में पंप और पानी की टंकी की मरम्मत समेत अन्य कार्य किए जाने हैं। तय समयसीमा में दोनों चरणों का काम पूरा कराना विभाग के लिए चुनौती बन गया है। जानकारों का कहना है कि यदि जांच प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो कई परियोजनाओं में मरम्मत कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। इसी के चलते विभागीय स्तर पर काम पूरा कराने की कवायद तेज कर दी गई है।
दोनों चरणों के मरम्मत कार्य 30 सितंबर तक हर हाल में पूरा कराने के लिए सभी अवर अभियंताओं को निर्देश दिए गए हैं। क्रॉस चेकिंग के लिए शासन ने तीसरी संस्था बीएलजी को नामित किया है। संबंधित संस्था के इंजीनियर मरम्मत कार्यों का लगातार सत्यापन कर रहे हैं। अभी किसी तरह की अनियमितता सामने नहीं आई है।
- शफीकुर्रहमान, एक्सईएन, जलनिगम ग्रामीण