बस्ती। जिला अस्पताल में रोजाना 50 से ज्यादा मरीज लिवर की समस्या से पीड़ित होकर उपचार कराने पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकांश मरीजों की ब्लड जांच कराई जा रही है। चिकित्सक की ओर से मरीजों को पौष्टिक भोजन करने व व्यायाम करने की सलाह दी जा रही है। वहीं, पेट संबंधी बढ़ रहे रोगियों को देखते हुए अस्पताल में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं।
एमडी डॉ. पीएल गुप्ता के अनुसार, बदलती जीवनशैली में शारीरिक क्रिया न के बराबर हो गई है। बदलती जीवन शैली में अनियमित खानपान, जंक फूड का ज्यादा इस्तेमाल और अल्कोहल पीने से लिवर खराब हो रहा है। पूरे दिन कार्यालय में बैठे रहना और असंतुलित आहार जैसे जंक फूड के बढ़ते सेवन के कारण फैटी लिवर, गैस, कब्ज, पेट में भारीपन, पेट दर्द, खाना पचने में तकलीफ, मल से खून का आना जैसी समस्याएं बच्चों से लेकर बड़े तक में देखी जा रही है।
ऐसे रोगियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। गलत खानपान और जीवनशैली कोलेस्ट्राॅल के साथ लिवर पर भी असर डालता है। लिवर के चारों ओर फैट जमा करता है। लिवर खराब होने की वजह से हेपेटाइटिस का खतरा बना रहता है। हेपेटाइटिस बी और सी सबसे ज्यादा घातक है, जो लिवर को खत्म कर देता है। मोटापे और डायबिटीज के कारण भी लिवर खराब होने के मामले बढ़ रहे हैं।
मरीजों को पहले लिवर फंक्शन टेस्ट कराया जा रहा है। सूजन की शिकायत लिए रोजाना मरीज आ हरे हैं। वहीं, जांच रिपोर्ट आने के बाद उन्हें उपचार दिया जा रहा है। शुक्रवार को 957 मरीजों को परामर्श दिया गया। मेडिसिन विभाग में मरीजों की संख्या अधिक रही।