बस्ती। मौसम का उतार-चढ़ाव लोगों को बीमार बना रहा है। मेडिकल कॉलेज से लेकर जिला अस्पताल में मरीजों की लोगों की भीड़ रोज उमड़ रही है।
बुखार, जुकाम और खांसी, जिसको चपेट में ले रही है, उसे 10-15 दिनों तक परेशान होना पड़ रहा है। लगातार दवाओं के सेवन के बाद ही समस्या से छुटकारा मिल पा रहा है। वहीं, गर्मी से पेट भी खराब हो रहा है। हाजमा बिगड़ जाने के बाद पेट में मरोड़, दर्द की शिकायत लिए मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज बस्ती के चिकित्सा इकाई ओपेक चिकित्सालय कैली के ओपीडी की बात करें तो मेडिसिन विभाग में अधिकांश मरीज बुखार और खांसी से पीड़ित हैं। इसमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक हैं। बच्चों में डायरिया की शिकायत मिल रही है।
डॉक्टर जांच और दवा के साथ ही मौसम में बचाव और लापरवाही न बरतने की सलाह दे रहे हैं। एमडी मेडिसिन डॉ. बीएल कन्नौजिया का कहना है कि पिछले एक महीने से मौसम के लगातार बदलाव और सर्द-गर्म से यह दिक्कत हो रही है। ऐसे में बचने की जरूरत है। ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है।
सुविधाओं के बढ़ाने के साथ ही मरीजों का दबाव बढ़ा है। ओपीडी की बात करें तो जहां सामान्य दिनों में 1200-1500 की ओपीडी होती है, वहीं जब मौसम में बदलाव होता है तो संख्या बढ़ जाती है।
मौजूदा समय में मेडिकल काॅलेज में मरीजों की संख्या अधिक देखी जा रही है। उप प्रधानाचार्य डॉ. अनिल यादव का कहना है कि मौसम में आए बदलाव से भीड़ बढ़ी है। गर्मी को देखते हुए व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
वहीं, जिला अस्पताल में शुक्रवार को मेडिसिन विभाग, चेस्ट और बाल रोग विभाग के सामने मरीजों की भीड़ लगी रही। सीने में दर्द और अन्य समस्या से पीड़ित मरीज भी इलाज के लिए पहुंचे। जिला अस्पताल में शुक्रवार को 954 मरीजों ने परामर्श लिया।