रोडवेज के पास एटीएम पर रूपया निकालने के लिए लगी भीड़।
शनिवार भी अफरा तफरी के नाम रहा। रकम के लिए पहुंचे लोगों को बैंकों की अव्यवस्था और असहयोग का सामना करना पड़ा। दिनभर लाइन लगने के बाद शाम में लोगों को यह कह कर लौटा दिया गया कि बैंक में रकम ही नहीं है। रकम कब मिलेगी इसकी जानकारी नहीं दी गई। काउंटर तक पहुंचने के लिए लोगों को कई घंटे लग गए, उसके बाद भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। रकम निकालने वालों में से अधिक खाद, बीज, दवा और शादी जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए लाइन में लगे रहे, किसी को दो हजार मिला तो किसी को एक रूपया भी नहीं मिला। इसी तरह एटीएम से भी लोग निराश लौटे। एटीएम के दरवाजे तो सभी बैकों के खुले रहे, मगर रकम बहुत ही कम एटीएम से निकल रही थी, जिस एटीएम से निकासी हो रही थी, वहां पर लंबी लाइने लगी हुई थी। ग्रामीण क्षेत्रों की हालत तो और भी अधिक खराब रही। लेनदेन को लेकर गौर में तो दो बैंक कर्मी आपस में ही भिड़ गए। मारपीट तक की नौबत आ गई। पुलिस के हस्तक्षेप में मामला किसी तरह शांत हुआ। इसे लेक कुछ समय के लिए बैंक में अफरा तफरी का माहौल रहा।
परशुरामपुर क्षेत्र के विभिन्न बैंकों में लंबी लाइन लगी रही। पूर्वांचल बैंक मखौडा धाम मे कैश न होने के कारण नोट नही बदले गए। नोट बदलने आए राजेश मिश्र, रामजी वर्मा, रामदीन, रामप्रताप, दिलीप पांडेय ने बताया कि इस समय खेतों में आलू , मटर, चना सरसो सहित अन्य की बुवाई का समय है। दुकानदार बड़ा नोट लेने को तैयार नहीं है। बैंक वाले भी नोट नहीं बदल रहे हैं। ऐसे में खेतीबाड़ी का संकट खड़ा हो गया है।
गायघाट पूर्वांचल बैंक गायघाट के शाखा प्रबंधक ओपी गुप्त ने बताया कि बैंक में धन उपलब्ध न होने से किसी का भुगतान नहीं हो सका। बैंक में मात्र 137 रुपये ही उपलब्ध हैं। पंजाब नेशनल बैंक कलवारी में करेंसी के अभाव में बीस रुपये की गड्डी बांटी गई। यहां पर लोगों को धन जमा और निकालने में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सल्टौआ क्षेत्र के बैकों में लोग सुबह आठ बजे से ही लाइन में लग गए थे। रामअजोर ने बताया कि 16 नवंबर को बेटी की शादी है। मजबूरी में पुराने नोट को औने पौने दाम में बेचना पड़ रहा है। किसान रामकुमार, श्याम सुंदर, सुरेश व सुखई ने बताया कि खेतीबाड़ी का समय है। धन के अभाव में खेती नहीं हो पा रही है। पंजाब नेशनल बैंक भिरिया में लोग बिचौलियों के माध्यम से त्वरित जमा और धन निकाल ले रहे थे इसके एवज में सुविधा शुल्क देना पड़ा। वही भारतीय स्टेट बैंक सल्टौआ में पैसा समाप्त हो जाने से 200 से अधिक खाता धारकों को बिना रकम के वापस जाना पड़ा।
दुबौलिया क्षेत्र के एसबीआई व पूर्वाँचल ग्रामीण बैंक ग्राहक सेवा केन्द्र पर उपभोक्ताओं को जमा की गई रकम नहीं मिली। एसबीआई चिलमा के छह केंद्र, दुबौलिया के दस केंद्रो पर 2000 हजार रुपए जमा हो रहा हैं। जबकि निकासी नहीं हो रही है। छोटे कास्तकार, मजदूर, पेंशन धारी व महिलाओं को बिना भुगतान के वापस जाना पड़ा। सुविधा दाता बृजेश सिंह, राजेश यादव व वीरेंद्र चौधरी ने बताया कि प्रतिदिन सैकड़ों खाता धारियों को वापस करना पड़ रहा है। बताया कि भुगतान करने का का अधिकार नहीं दिया गया।