जापानी मस्तिष्क ज्वर अथवा एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम से प्रभावित इलाकों की जांच के लिए प्रदेश के स्वास्थ्य महानिदेशक सीएचसी-पीएचसी डॉ. आरकेश शुक्रवार को जिले में पहुंचे। यहां उन्होंने सल्टौआ व भानपुर में स्थापित इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटरों की जांच की। खामियों पर नाराजगी जताते हुए उसे दूर करने के निर्देश दिए। जेई-एईएस की रोकथाम के लिए तैनात चिकित्सकों के अलावा सभी स्वास्थ्य कर्मियों को फौरी तौर पर प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया।
शुक्रवार सुबह नौ बजे डॉ. आरकेश सबसे पहले सल्टौआ स्थित पीएचसी पर पहुंचे। यहां उन्होंने उपस्थिति पंजिका देखने के बाद ओपीडी में आने वाले मरीजों व अस्पताल में उपलब्ध दवाओं की भी जानकारी ली। यहां एक मशीन खराब थी, जिस पर नई मशीन खरीदने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य कर्मियों व चिकित्सकों को समय से अस्पताल आने व मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने को कहा। इसके बाद भानपुर पहुंचे स्वास्थ्य महानिदेशक ने चिकित्सालय में खामियों पर नाराजगी जताई। चिकित्सालय पर स्वीकृत पदों के सापेक्ष चिकित्सक व कर्मियों की कमी पाई गई, जिस पर उन्होंने व्यवस्था करने का निर्देश सीएमओ को दिए। सभी स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण कराने का भी आदेश दिया।
स्वास्थ्य महानिदेशक ने कहा कि जेई-एईएस का बरसात के मौसम में सर्वाधिक प्रभाव होता है। इसे देखते हुए शासन अपनी तैयारी कर रहा है। संवेदनशील इलाकों में आवश्यक संसाधन बढ़ाया जाएगा, जिससे मरीजों को परेशान न होने पड़े। भानपुर मे डॉ. विवेक विश्वास, डॉ. अमिष, एसएलटी राजा राम मिश्रा, एक्सरे टेक्नीशियन आज्ञाराम चौधरी ,सल्टौवा मे डॉ. प्रदीप शुक्ला, फार्मासिस्ट राधारमण शुक्ला, राकेश चौधरी, महबूब आलम वीरेंद्र प्रसाद शुक्ल आदि उपस्थित रहे।