कुदरहा। झारखंडेश्वर नाथ धाम गायघाट में 11 दिवसीय श्रीराम महायज्ञ के चौथे दिन कथा व्यास बाल भरत दास ने राम जन्म की कथा का वर्णन किया।
रविवार को संगीत मयीश्रीराम कथा में भगवान की बाल लीलाएं सुन श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा व्यास ने कहा कि भगवान भाव के भूखे हैं, यदि हम उन्हें पाना चाहते हैं तो भक्ति ही एकमात्र उपाय है।
उन्होंने कहा कि जब पृथ्वी पर असुरों का अत्याचार बढ़ गया तो भगवान विष्णु ने अयोध्या के राजा दशरथ के यहां श्री राम के रूप में अवतार लिया। अयोध्या में खुशियां मनाई जाने लगीं। भगवान शिव वीर हनुमान के साथ मदारी के भेष में भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं का दर्शन करने आए थे। कथा व्यास ने कहा कि श्री राम कथा का श्रवण कर उसका अनुसरण करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। हमें भी भगवान श्री राम के आदर्शों पर चलने का प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्य यजमान बाबा राम भजन दास, संयोजक बाबू स्कंद पाल, ओम प्रकाश तिवारी, हनुमान प्रसाद मिश्र, जुगुल किशोर अग्रहरि आदि मौजूद रहे। संवाद