सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में रात से ही जलाभिषेक के लिए लगी कतार
- सात से बंद हो जाएगा हाईवे, 11 तक रूट डायवर्जन रहेगा प्रभावी, बदले मार्ग से जाएंगे वाहन
- 10 लाख से अधिक कांवड़िए अयोध्या से सरयू जल लेकर बाबा भदेश्वरनाथ का करेंगे जलाभिषेक
बस्ती। सावन के पहले सोमवार पर जिलेभर के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रात 12 बजते ही मंदिरों में घंटे-घड़ियाल की ध्वनि के साथ बम-बम भोले, हर-हर महादेव की गूंज सुनाई दी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
सावन के पहले सोमवार से ही कांवड़िए जलाभिषेक कर यात्रा की भी शुरूआत कर दी। कांवड़ियों के कदम आगे बढ़ गए हैं। शिवालयों में ब्रह्म मुहूर्त से जलाभिषेक का क्रम शुरू हो गया। कांवड़ियों के साथ स्थानीय श्रद्धालुओं ने भी शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने जिले के प्रमुख शिवालयों सहित अन्य मंदिरों पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई।
मंदिर परिसरों और प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और यातायात पुलिस की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने रविवार सुबह से ही प्रमुख मंदिरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। शहर से सटे प्रमुख शिवालयों में भदेश्वरनाथ मंदिर, तिलकपुर मंदिर, कड़र मंदिर समेत अन्य शिव मंदिरों में देररात के बाद श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीण क्षेत्रों के प्राचीन शिवालयों में भी सुबह से जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का क्रम लगातार जारी रहा।
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स्पाई कैमरों से निगरानी
कांवड़ यात्रा को लेकर भदेश्वरनाथ से घघौआ तक मार्ग पर भी विशेष निगरानी रखी गई है। इसके लिए कांवड़ मार्ग पर स्पाई कैमरे लगाए गए हैं, ताकि यात्रा के दौरान पूरी कोई भी घटना होगी, तो उसकी पूरी रिकॉर्डिंग पुलिस-प्रशासन की टीम के पास रहेगी। वहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह पेयजल, चिकित्सा सहायता, विश्राम और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा बिजली, नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट मोड पर हैं। वहीं, भदेश्वरनाथ मंदिर पर पुलिस प्रशासन की ओर से यातायात रूट चार्ट का होर्डिंग लगाया जा रहा है। हाईवे की सफाई भी जोरों पर है। कट बंद कराए जा रहे हैं।
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सादा कपड़ों में तैनात रहेंगे सुरक्षाकर्मी
मंदिरों पर असामाजिक तत्वों पर निगाहें रखने के लिए पुलिस को तैनात किया है। साथ ही सीसी टीवी कैमरे लगाए हैं। इसके अलावा पुलिस-प्रशासन की ओर से सादा पकड़ों में सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं, ताकि अगर कोई असामाजिक तत्वों कुछ गड़बड़ी करने की कोशिश की, तो तुरंत उसको पकड़कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। फिलहाल, मुख्य यात्रा सात अगस्त से शुरू हो रही है जो 10 व 11 अगस्त के बीच जलाभिषेक के बाद समाप्त होगी। पूर्वांचल के सबसे बड़े कांवड़ यात्रा बस्ती में 10 लाख से अधिक कांवड़िए के पहुंचने की संभावना है। इसको लेकर पुलिस और प्रशासन की टीम लगी हुई है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखा उल्लास
कलवारी क्षेत्र के कौलेश्वर नाथ मंदिर , महेश्वर नाथ मंदिर भोयर, सोमेश्वर नाथ मंदिर पांऊ, झारखंडेश्वर नाथ मंदिर गायघाट, हरदेव नाथ मंदिर बहादुरपुर, दुग्धेश्वर नाथ मंदिर चकदहा आदि में श्रद्धालुओं ने सोमवार की सुबह जलाभिषेक कर पूजा अर्चना करते हुए हर हर महादेव के नाम का जयघोष किया। वहीं, प्रसिद्ध शिव के मंदिर लोढेश्वर नाथ (लोढवा बाबा) मंदिर, बाहरकोनी, धोषण, नरखोरिया, रामनगर में भी लोगों ने जलाभिषेक कर पूजा की। चक्रेश्वरनाथ, झूंगीनाथ, सबईघीसा, रमवापुर, नैकापार, लक्ष्मणपुर, गुलौरी बुजुर्ग आदि मंदिरों पर श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। इसके अलावा बेहिलनाथ शिव मंदिर में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। तिलकपुर के बाबा जागेश्वरनाथ धाम में सावन के पहले सोमवार पर आस्था का सैलाब दिखा।