बस्ती। दिन दहाड़े लोहे के रॉड से की गई सैन्य कर्मी की हत्या की शुरुआती छानबीन में पुलिस घरेलू कशमकश को घटना से जोड़कर देख रही है। करीब 40 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन पाने वाले रमापति पांडेय 12 वर्ष के पोते को साथ लेकर किराए के मकान में रहने की परिस्थितियों की तह में पुलिस जाने का प्रयास कर रही है।
एएसपी ओपी सिंह ने बताया कि पूछताछ में मृतक के पोते और उसके दोस्त की बातों में कई संदेहास्पद चीजें सामने आई हैं। दिन में करीब 12 बजे वह घर से निकला था। पौने चार बजे लौटकर आने के बाद आसपास के लोगों के जरिए पुलिस को घटना की सूचना मिली।
रुधौली थाने के आमबारी निवासी रमापति पांडेय (77) का एक बेटे संतोष कुमार पांडेय आर्मी में प्रयागराज में तैनात हैं जबकि दूसरे बेटा संजीत बंगलुरू में पत्नी के साथ रहते हैं। पुलिस के मुताबिक संजीत की पहली पत्नी की मृत्यु हो गई थी तो वह दूसरी शादी कर लिए और अपने 12 वर्ष के बेटे आयुष को अपने पिता रमापति पांडेय के पास छोड़कर पत्नी के साथ बंगलुरु में शिफ्ट हो गए। पुलिस के मुताबिक परिवार में किसी बात पर विवाद के बाद करीब 14 महीने पहले रमापति पांडेय पोते आयुष को साथ लेकर पुरानी बस्ती थानाक्षेत्र के रेहरवा शंकरदास कुटी के पास किराए का मकान लेकर रहने लगे। आयुष स्कूल नहीं जाता था। बल्कि उसकी पढ़ाई के लिए करीब एक महीने से एक लड़की घर पर जाती थी। वह दोनों लोगों का खाना भी बना दिया करती थी।
घटनास्थल पर पहुंचे भैंसहिया निवासी विनय कुमार उपाध्याय के अनुसार उन्हें उनके भांजे संतोष ने फोन करके घटना के बारे में बताया। मृतक के बेटे संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि वह किसी काम से बंगलुरु गए थे। वहां से लौटकर दिल्ली जा रहे थे मगर रास्ते में घटना की सूचना मिली। अभी वह कुछ भी बताने से इनकार किए बोले कि ट्रेवल कर रहे हैं। आकर पूरी स्थिति के बारे में जानकारी लेंगे।