बस्ती। भाजपा सांसद और कद्दावर नेता जगदंबिका पाल ने जेएनयू मामले में फोरेंसिक जांच सीडी सही पाए जाने पर देशद्रोहियों का साथ देने वाले नेताओं को देश से माफी मांगने को कहा है। वहीं प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा केंद्र सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल का हिसाब मांग रही है, मगर वह बताए कि उसने चार साल से अधिक के कार्यकाल में प्रदेश को क्या दिया?
डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल रविवार को बस्ती में अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कहा कि जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य आदि ने जेएनयू परिसर में देश विरोधी नारे लगाए, अलगाववादी ताकतों का समर्थन किया वह राष्ट्र के प्रति घृणा और नफरत का भाव दर्शाता है। कन्हैया के पक्ष में राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता खड़े हो गए। उन्होंने उस सीडी को ही गड़बड़ (डाक्टर्ड) बता दिया, जिसके आधार पर आरोपियों पर केस दर्ज किया गया। अब जबकि सीबीआई की फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट ने सीडी को सही बताते हुए कहा है कि इससे कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है, कांग्रेस के युवराज और कन्हैया के अन्य मददगार शर्मसार हो चुके हैं, उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।
कहा कि मथुरा के जवाहर बाग में सरकार के समानांतर सत्ता चल रही थी। इस मामले में शासन प्रशासन निश्चित रूप से कटघरे में है। उन्होने कहा कि कैराना की भी स्थिति ठीक नहीं है। वहां 346 परिवार पलायित हो चुके हैं, क्यों कि उनके परिवार में किसी न किसी की हत्या हो गई है। सपा सरकार के 20 घंटे बिजली आपूर्ति के सवाल पर कहा कि प्रदेश की राजधानी में ही 20 घंटे बिजली नहीं मिल पा रही है। रोजाना विद्युत उपकेंद्रों पर बवाल हो रहा है।
एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि केंद्र सरकार भगवान बुद्ध से जुड़े जिलों को एक साथ जोड़कर बुद्धिष्ट सर्किट बनाने जा रही है। बुद्ध के जन्म स्थली कपिलवस्तु के राष्ट्रीय संग्रहालय में बुद्ध का अस्थि कलश दिल्ली से लाया जाएगा।