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Basti News: एसएमसी खाते खुलने में देरी, खेल मद का भुगतान अटकने का खतरा

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बस्ती। परिषदीय विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) के नए खाते खोलने की रफ्तार धीमी है। जिले के 2,071 परिषदीय विद्यालयों में अब तक महज 256 विद्यालयों की एसएमसी के नए खाते खुल सके हैं। खातों के संचालन में देरी से खेल समेत विभिन्न मदों की धनराशि का भुगतान प्रभावित होने की आशंका है।
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जिले में 2,071 परिषदीय विद्यालयों के अलावा 22 पीएमश्री विद्यालय भी संचालित हैं। अब तक इन विद्यालयों की एसएमसी के खातों में पीएफएमएस के माध्यम से सरकारी धनराशि भेजी जाती थी। खाते में प्रधानाध्यापक और एक अभिभावक सह खाताधारक होते थे। दोनों के संयुक्त हस्ताक्षर से खाते का संचालन किया जाता था।
एसएमसी खातों में कंपोजिट ग्रांट, खेल, पुस्तकालय समेत अन्य मदों की धनराशि भेजी जाती है। कंपोजिट ग्रांट से विद्यालय भवन की रंगाई-पुताई, मरम्मत और चाक-डस्टर जैसी जरूरी सामग्री की व्यवस्था की जाती है। खेल मद से विद्यार्थियों के लिए खेल सामग्री खरीदी जाती है। पुस्तकालय से जुड़े खर्च भी इसी व्यवस्था के तहत किए जाते हैं।
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एसएनए स्पर्श-2 से होगा भुगतान
सरकारी धनराशि के भुगतान को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए शासन ने एसएनए स्पर्श-2 पोर्टल के माध्यम से भुगतान की नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए विद्यालयों में एसएमसी के नए खाते खोलने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए कार्यालय की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को 15 सितंबर तक विद्यालयों की एसएमसी के नए खाते खुलवाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक 1,837 विद्यालयों में नए खाते नहीं खुल सके हैं। ऐसे में नई भुगतान व्यवस्था लागू होने के बाद खेल, कंपोजिट ग्रांट और पुस्तकालय समेत अन्य मदों की धनराशि के भुगतान में परेशानी आ सकती है।
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