विक्रम संवत 2073 में कार्तिक कृष्ण अमावस्या रविवार को सूर्योदय के पूर्व से ही शुरू होकर रात्रि 12 बजकर 07 मिनट तक विद्यमान रहेगी। इस बीच दीप पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। स्वाती नक्षत्र भी प्रात: 09 बजकर 02 मिनट से शुरू होकर पूरी रात्रि भोग करते हुए अगले दिन पूर्वाह्न 11 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। विद्वानों ने इस दौरान लुम्बक योग बताया है,जो श्रेष्ठ माना जाता है।
दीपावली को लेकर लोगों में उत्साह चरम पर है। बाजार में भारी भीड़ है, जिससे शहर में दिन भर जाम जैसी स्थिति बनी रही। आमतौर पर सुबह 10 बजे के बाद खुलने वाले प्रतिष्ठान पिछले दो दिनों से सुबह 8 बजे से पहले और देर रात तक खुले। जगह-जगह बिजली की रंग बिरंगी जलती लड़ियां देखकर रात को भी दिन जैसा नजारा बना हुआ था। चारों ओर उल्लास और जश्न का माहौल था। हर कोई रविवार को बड़ी दीपावली की खरीदारी में व्यस्त रहा।
घरों और प्रतिष्ठानों को विशेष तौर पर सजाया गया है। दीपावली की तैयारियों को देखते हुए दूर दूर तक चकाचौंध और रोशनी से शहर और गांव जगमगा रहे थे। शहरी क्षेत्रों की तरह गांवों में भी दीपोत्सव का उत्साह जोरों पर रहा। कहीं फूलों से तो कहीं सजावटी वस्तुओं से घर-प्रतिष्ठान सजाए जा रहे हैं। वहीं पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुस्तैद है। एसपी शैलेश कुमार बांडे ने बतायाा कि शहर के सभी प्रमुख बाजारों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। भारी वाहनों का बाजार में प्रवेश वर्जित है।