संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नेशनल हाईवे अर्थारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की फोरलेन और टू-लेन सड़कें आजकल जानलेवा साबित हो रही है। प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था न होने से हाईवे पर अंधेरा है। घने कोहरे में अदृश्यता और भारी पड़ रही है।
गोरखपुर-लखनऊ और लुंबिनी-दुद्धी हाईवे पर महाकुंभ से लौटने वाले वाहनों का दबाव होने के कारण छोटे-बड़े वाहन अंधेरे में धड़ाधड़ भिड़ रहे हैं। इन हादसों में लोगों की जान भी जा रही है और काफी संख्या में लोग घायल हो रहे हैं। दो दिन के भीतर इन दोनों हाईवे पर सड़क हादसे के दौरान छह से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 10 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।
महाकुंभ से लौट रे श्रद्धालुओं का कहना है कि एनएचएआई की ओर से सड़क हादसों में कमी लाने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। अंधे मोड़, ब्लैक स्पॉट एवं अवैध कट के पास प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। सावधानी बरतने के लिए संकेतक बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं।
ऊपर से कोहरे के चलते अदृश्यता भी है। यदि सड़क के किनारे कोई वाहन खराबी एवं अन्य कारणों से रात में खड़ा हो रहा है तो उससे हादसे हो जा रहे हैं।
छोटे-बड़े वाहन इनसे टकराकर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। नगर बाजार, खुटहन, कलवारी, हर्रैया जैसे कुछ कस्बों में प्रकाश की व्यवस्था है तो वह संबंधित नगर पंचायत की तरफ से टाउन एरिया तक ही कराया गया हैं। शेष हिस्से में प्रकाश की कोई व्यवस्था एनएचएआई की तरफ से नहीं है।