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Basti News: फर्जी पैरा मेडिकल घोटाला, केस में बढ़ी आपराधिक साजिश की धारा

Sat, 07 Oct 2023 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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आईपीसी की धारा 120 बी की धारा बढ़ाने से उजागर होगा संगठित अपराध का खेल
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तफ्तीश का दायरा बढ़ाने में इस शारा के शामिल करने से एसआईटी को मिलेगी सहूलियत
आईजी के आदेश पर एसआईटी कर रही फर्जी पैरा मेडिकल कॉलेज केस की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। फर्जी पैरा मेडिकल काॅलेज घोटाले के आरोपियों पर दर्ज केस में शुक्रवार को एक और धारा बढ़ा दी गई। कोतवाली और कप्तानगंज थाने में दर्ज केस के सभी आरोपियों पर आपराधिक साजिश यानी 120 बी आईपीसी की धारा बढ़ाई गई है। आईजी का कहना है कि पहले की धाराओं में सबकी अलग-अलग भूमिका पाई गई थी। जबकि इस पूरे खेल में सबने साथ मिलकर विद्यार्थियों के साथ साजिश के तहत धोखाधड़ी की। आईजी के निर्देश पर इस केस में प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है।
इस मामले में फर्जी मेडिकल काॅलेज संचालकों पर कोतवाली और कप्तानगंज थाने में अलग-अलग चार केस दर्ज हैं। अलग-अलग विद्यार्थियों की तहरीर पर जाली दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, धमकी आदि के आरोप लगाए गए हैं। इसमें कोतवाली पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मगर मास्टरमाइंड तिकड़म के बल पर पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था।
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14 सितंबर को बी-फार्मा, डी-फार्मा के विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों ने आईजी से मिलकर अपनी समस्याओं को रखा था, जिसे गंभीरता से लेते हुए आईजी ने एसआईटी के गठन का आदेश जारी किया। एसआईटी टीम को अलग-अलग थानों में दर्ज चारों केस की तफ्तीश कर मामले के जल्द निस्तारण के निर्देश दिए थे। क्राइम ब्रांच के निरीक्षक संजय कुमार को विवेचक और सीओ आलोक प्रसाद को पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किया गया है। एसआईटी के गठन के बाद केस में काफी तेजी आई। पिछले हफ्ते कप्तानगंज में दो फर्जी काॅलेज चलाने वाले मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और उसके ठिकानों से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए। तभी से इस प्रकरण में नए-नए खुलासे हो रहे हैं।
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जालसाज ने भी दर्ज करा दिया था केस
कोतवाली में दर्ज केस में अपने ऊपर शिकंजा कसते देख मास्टरमाइंड कृष्ण कुमार चौधरी ने भी दांव खेला था। उसने कुछ लोगों पर धोखाधड़ी कर अपने काॅलेज के विद्यार्थियों का प्रवेश कराने का केस दर्ज करा दिया। आरोप लगाया कि लालगंज थाना क्षेत्र के रक्सा निवासी राम आशीष यादव, विनोद कुमार यादव निवासी बरेली और स्वतंत्र श्रीवास्तव निवासी उरई जालौन ने उन्हें डी-फार्मा, एएनएम व जीएनएम कोर्स की मान्यता दिलाने का झांसा दिया। विश्वास दिलाने के लिए उन लोगों ने कई शिक्षण संस्थाओं का ऑनलाइन व ऑफलाइन ब्योरा दिखाया। इसके बाद छात्र-छात्राओं का प्रवेश कराने के लिए तीनों अपने खाते के अलावा अन्य खाते में करीब 38 लाख रुपये जमा करा लिए। पूछने पर उन लोगों ने बताया कि विद्यार्थियों का प्रवेश ओम साई कॉलेज ऑफ फार्मेसी ओडिश, जयपुरी कॉलेज ऑफ फार्मेसी ओडिश के अलावा भवानी पटना कॉलेज ऑफ साइंस ओडिशा में करा दिया गया है। बाद में पता चला कि कृष्ण कुमार खुद जालसाजों के गिरोह का एक अंग है।
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