बस्ती। जिले के दो थाना क्षेत्रों में मंगलवार को खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ गई। बिजली के शार्ट सर्किट से लगी आग में नगर और रुधौली थाना क्षेत्र में 64 बीघा गेहूं की सफल जलकर राख हो गई। रुधौली थाना क्षेत्र के उमरा-बसौका सिवान में शाम चार बजे बिजली की शार्ट सर्किट से गेहूं की फसल मे आग लग गई। तेज पछुआ हवा के कारण आग की लपटें बढ़ती गईं। आनन-फानन कई गांवों से सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने डेढ़ घंटे के कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। उसके बाद सवा पांच बजे फायर बिग्रेड की गाड़ी पहुंची, तब तक आग बुझ चुकी थी।
आग से सबसे अधिक उमरा गांव के किसानो का नुकसान हुआ। जिनमें दुर्गेश, उदयराज, मेवालाल, सोहन, प्रहलाद, साहबदीन, रामप्रसाद, राजेन्द्र प्रसाद मेहीलाल, जुग्गीलाल, राजिन्दर, रामानन्द, शिवकुमार, केशरी राव, मुन्नीलाल और बसौका गांव के केशराम, भगवानदीन, रामकुमार, हरिश्चन्द्र, रामलौट, बलिसागर आदि किसानों की फसलें जल कर राख हो गईं। लोगों ने बिजली विभाग की ओर से जर्जर तारों द्वारा विद्युत आपूर्ति किए जाने पर नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि जब तक गेहूं की फसल कट न जाए तक दिन मे बिजली न दी जाए।
नगर थाना क्षेत्र के ग्राम सीतारामपुर मे बिजली के शार्टसर्किट से लगी आग मे लगभग 14 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गयी। सूचना पाकर मौके पर आयी दमकल की गाड़ी व स्थानीय ग्रामीणों के अथक प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका। नगर थाना क्षेत्र के ग्राम सीतारामपुर मे दिन में लगभग तीन बजे बिजली के शार्ट शर्किट से आग लग गयी।
ग्रामीण जब तक कुछ समझ पाते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इसी बीच किसी ने इसकी सूचना अग्निशमन दल व स्थानीय पुलिस को दे दी सूचना पाकर मौके पर थानाध्यक्ष नगर के.डी.सिंह पहुंच गए। ग्रामीण अपने स्तर से आग बुझाने लगे रहे लेकिन पछुआ हवाओं के तेज चलने से आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी। तकरीबन एक घंटे बाद पहुंची दमकल की गाड़ी और ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाई। इस अग्निकांड में 14 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गया। जिनकी फसल जली है उनमें पोखरनी निवासी जमुना शरण उपाध्याय, रंगी लाल, वशिष्ठ उपाध्याय, सरस्वती प्रसाद और गंगा शरण उपाध्याय शामिल है।
शार्ट सर्किट से लगी आग में खेत व घर जले
बस्ती। शहर से सटे फुटहिया संसारपुर गांव के पास खेतों में शार्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। इसमें दो लोगों का छप्पर का आवासीय मकान और पांच लोगों के गेहूं के खेत जल गए। जिनके गेहूं के खेत जले हैं उनमें अनवारुल हक, धूपचंद्र, दीनानाथ, संतलाल और मोहम्मद रफीक शामिल है। वहीं आग में लगी आग आबादी की ओर बढ़ी तो मोहम्मद हसनैन और शम्सुलहक के रिहायशी छप्पर को चपेट में ले लिया। इससे उसमें रखा जरूरत का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया।