बस्ती/बहादुरपुर।
सन 1999 से पुलिस को चकमा देकर घूम रहा वारंटी सोमवार को न्यायालय परिसर में हत्थे चढ़ गया। नगर थाने में एससीएसटी एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में नामजद होने के बावजूद वह कानून से बचता रहा।
अदालत ने जमानतदारों पर शिकंजा कसते हुए उनके संपत्ति की कुर्की-नीलामी का नोटिस जारी किया तो उनमें खलबली मच गई। उन सबने बहाने से उसे कोर्ट में बुलाया। एससीएसटी न्यायालय में पहुंचने के बाद जब उसे भनक लगी कि सरेंडर करने लाया गया है तो भागने लगा। अंतत: न्यायालय की सुरक्षा में तैनात पुलिस टीम ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। पूछताछ में उसने खुद को नगर थाने के देवापार निवासी रमेश बताया। सूत्रों के मुताबिक लालजी बनाम गौरी शंकर के एक अन्य मुकदमे में भी वह वांछित था। पुलिस काफी कोशिश के बावजूद उसे नहीं पकड़ सकी थी। तीन अन्य वारंटियों को भी नगर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया। इनमें मल्हवारे निवासी तुलसी राम, अगई भगाड़ निवासी इंद्रासन राजभर और नेउरी गाड़ा कुसरौत निवासी नागे उर्फ सुखदेव शामिल हैं।