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लाठीचार्ज की चेतावनी पर हटे ग्रामीण

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लोगों को समझाती पुलिस। - फोटो : amar ujala
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भानपुर/बस्ती। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम के निर्माणाधीन मंदिर का चबूतरा ढहवाने से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को तहसील मुख्यालय पर जमकर हंगामा किया। हालात काबू से बाहर होते देखकर प्रशासन सकते में आ गया। निषेधाज्ञा (धारा-144) के उल्लंघन का हवाला देते हुए हवाई फायर और लाठीचार्ज का अल्टीमेटम देना पड़ा। तब जाकर परिसर खाली हो सका। वहां से भीड़ ड़ुमरियागंज रोड पर मार्ग जाम करने पहुंच गई। पुलिस प्रशासन ने वहां से भी किसी तरह से हटवाया। बाद में प्रधान के साथ पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम से वार्ता की। एसडीएम भी भीटे की जमीन पर निर्माण न करने देने पर अड़ गए। बिना डीएम की अनुमति के कोई निर्माण न करने देने की बात दोहराई। वैधानिक पेच देखते हुए ग्रामीणों को लौटना पड़ा। 
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 क्षेत्र के मैलानी साहब वाजिद गांव और आसपास के लोग मंदिर बनवा रहे थे। जमीन की नवैयत को लेकर तहसील में शिकायत हुई। तब तक चबूतरा बनकर तैयार हो गया। मगर जब जांच-पैमाइश में वह जमीन पोखरे के भीटे की ठहरी तो बृहस्पतिवार शाम को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम अमनदीप डुली पुलिस बल के साथ पहुंचे। उन्होंने चबूतरा ढहवाने के बाद निर्माण कार्य रोक दिया। एसडीएम का सपाट रुख नागवार लगने पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग तहसील पर पहुंच गए। हंगामा बढ़ते देखकर सीओ रुधौली के अलावा सोनहा, वाल्टरगंज और रुधौली थाने की फोर्स मौके पर बुला ली गई। 
सुंदरीकरण की अनुमति ली बनाने लगे मंदिर : एसडीएम 
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम अमनदीप डुली का कहना है कि ग्राम प्रधान ने पोखरे के सुंदरीकरण की अनुमति मांगी थी। लेकिन पोखरे के भीटे के पेड़ कटवाकर उस पर मंदिर बनवाने लगे। शिकायत होने पर जांच कराई गई तो पोखरे और उसके भीटे की जमीन ठहरी। ऐसे में बिना डीएम की अनुमति के कोई नया निर्माण नहीं करने दिया जाएगा। 
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