सोनहा कस्बे में गुरुवार की देर रात 30 वर्षीय विवाहिता ने गले में साड़ी का फंदा लगाकर छत के कुंडे से लटक कर जान दे दी। मौके पर पहुंची सोनहा पुलिस ने शव को रात में फांसी फंदे से उतारना मुनासिब नहीं समझा। कमरे के बाहर उपनिरीक्षक कामेश्वर सिंह और पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई। शुक्रवार की सुबह महिला के मायके वालों के आने पर शव को कमरे से बाहर निकाल कर थाने लाया गया। घटनाक्रम के मुताबिक सोनहा थाना क्षेत्र के फेरसम ग्राम पंचायत निवासी राजकुमार मोदनवाल सोनहा कस्बे मे मिठाई की दुकान चलाते है। दुकान के पीछे ही उनका मकान है जहां वह अपनी 30 वर्षीया पत्नी कविता उर्फ मोनी और दो बच्चे आदित्य उम्र आठ वर्ष और अमृत उम्र छह वर्ष के साथ रहते है। गुरुवार की रात बिजली न होने के कारण वह दस बजे के आस पास कमरे से बाहर निकल कर लोगों से बात करने लगे। जब वह कमरे मे जाने के लिए वापस लौटे तो कमरा अन्दर से बंद मिला काफी आवाज लगाने और शोर मचाने के बाद भी कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने पड़ोसियों की मदद से दरवाजे को तोड़ दिया गया। दरवाजा तोड़ने पर अंदर का दृश्य देखकर सभी हतप्रभ रह गए। कविता की लाश छत के कुंडे से लटक रही थी। जबकि दोनों बच्चे उसी कमरे मे दूसरे तख्त पर गहरी नींद में सो रहे थे। घटना की सूचना सोनहा पुलिस को दी।
मायके वालों ने सुबह घटना स्थल पर पहुंचकर नाराजगी जताते हुए कविता के पति पर दहेज के लिए हत्या किए जाने का आरोप लगाया। हालांकि उनकी ओर से अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है। थानाध्यक्ष सोनहा विक्रम सिंह का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा, इससे आगे की कार्रवाई में आसानी होगी।