बभनान। पैकोलिया थाना क्षेत्र के भैंसा राजा गांव में शुक्रवार को दो किशोरवय चचेरी बहनों ने एक साथ गांव के बाहर खाली पड़े एक मकान में फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। इनमें एक की मौत हो गई, जबकि दूसरी को इलाज के लिए परिवार के लोग कहीं ले गए हैं। उसका इलाज किस अस्पताल में कराया जा रहा है, यह पुलिस को भी नहीं पता। पुलिस को परिवार वालों के आने का इंतजार है ताकि घटना की वजह पता चल सके।
घटना के बाद से गांव और आसपास के इलाके में इसकी चर्चा है। पुलिस भी गांव में ही तैनात है। गांव वालों के मुताबिक संतराम की पुत्री नीलम (17) और उसकी चचेरी बहन रिंकी (16) पुत्री शिवजी यादव पढ़ाई-लिखाई से लेकर घर पर भी अक्सर साथ ही रहती थीं। दोनों साथ ही घर से बाहर भी निकलती थीं। किसी को तनिक आशंका भी नहीं थी कि बेटियां इस तरह की घटना को अंजाम दे सकती हैं।
गांव वालों के मुुताबिक शुक्रवार दोपहर बाद दोनों गांव के बाहर एक सूने मकान की ओर गई थीं। यहां पहले से खेल रहे कुछ बच्चों ने उन्हें देखा था। इसी दौरान बच्चों की गेंद रोशनदान से अंदर चली गई। बच्चे इस उम्मीद में थे कि अभी या तो वे गेंद फेंकेंगी या गेंद लेकर बाहर निकलेंगी। काफी देर बाद जब न गेंद बाहर आई और न ही दोनों लड़कियां निकलीं तो बच्चे खुद अंदर गए और दोनों को फांसी के फंदे से लटका देखा। बच्चों ने शोर मचाते हुए गांव वालों को जानकारी दी। जब तक लोग पहुंचते, नीलम की मौत हो चुकी थी, जबकि रिंकी गंभीर हालत में थी। परिवार के लोग रिंकी को अस्पताल लेकर भागे जबकि मृत नीलम की बाग के किनारे अंत्येष्टि कर दी। इससे गांव वालों को संदेह हुआ और सूचना पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची पैकोलिया पुलिस ने लोगों से पूछताछ की लेकिन कोई बोलने को तैयार नहीं हुआ।
शनिवार को भी चचेरी बहनों के परिवार वाले घर छोड़कर लापता रहे। प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह का कहना है कि घटना के संबंध में गांव के लोग भी कुछ बताने को तैयार नहीं हैं। मामले की जांच की जा रही है। परिजनों के मिलने पर ही घटना की सही वजह का पता चल सकेगा।
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कमरे में मिला था सुसाइड नोट
गांव में दबी जुबान चर्चा यह भी है कि चचेरी बहनों ने जिस कमरे में एक साथ फांसी लगाई वहीं एक सुसाइड नोट भी परिजनों के हाथ लगा था, लेकिन इसकी भनक किसी और को नहीं लगी। यदि वह सुसाइड नोट पुलिस के हाथ लग गया होता तो शायद घटना का पर्दाफाश हो जाता।