बस्ती। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मदनलाल निगम की अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। जिसे न अदा करने पर 10 माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो राजेंद्र शंकर द्विवेदी ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि छावनी थाना क्षेत्र के एक गांव की पीड़िता के पिता के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट के आदेश पर छावनी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। इसमें कहा गया कि उसकी 16 वर्षीय बेटी जिसकी शादी हो चुकी थी। किंतु नाबालिग होने की वजह से गौना नहीं दिया था। 27 मार्च 2013 को लालचंद उसे बहला-फुसला कर एक बजे रात में भगा ले गया। शादी में मिले जेवरात और आठ हजार रुपये भी साथ ले गई। आरोपी लालचंद उसे दिल्ली ले गया। जहां एक कमरा लेकर रहने लगा। उसके साथ दुराचार करता रहा। इस दौरान वह गर्भवती हो गई। आरोपी ने दवाएं देकर गर्भपात करा दिया। किसी तरह दिल्ली में रह रहे रिश्ते के बहनोई को सूचित किया। बहनोई के पहुंचने पर उनके साथ घटना से चार माह बाद घर लौटी। पूरी आपबीती बताई। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट और बयान के आधार पर विवेचक ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की तरफ से पीड़िता और वादी मुकदमा सहित नौ गवाहों के बयान हुए। गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने लाल चंद पर लगे आरोपों में दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास व 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड प्राप्त होने की दशा में संपूर्ण धनराशि पीड़िता को मिलेगी।