बस्ती। संयुक्त निदेशक शिक्षा कार्यालय के ज्येष्ठ लेखा परीक्षक के कमरे
में एक रिटायर सहायक अध्यापक और उनके समर्थकों ने पेंशन सुधार को लेकर
हंगामा खड़ा कर दिया। लगभग आधा घंटा तक कार्यालय का माहौल गरम रहा।
रिटायर
अध्यापक और उनके समर्थकों द्वारा खुले आम लेखा परीक्षक पर पेंशन सुधार के
नाम पर सुविधा शुल्क लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि पेंशन में सुधार करने
का आदेश हाईकोर्ट को दिए छह माह से अधिक का समय हो गया, मगर आज तक पेंशन
में सुधार नहीं किया गया। हांलाकि लेखा परीक्षक श्यामा कांत शुक्ल ने
सुविधा शुल्क मांगने के आरोप से इंकार करते हुए कहा कि उनके सामने यह मामला
अब आया है।
वहीं संयुक्त निदेशक शिक्षा एबी चतुर्वेदी ने बताया कि
डीआईओएस से आख्या मांगी गई है, आख्या मिलने के बाद हाईकोर्ट के आदेश के
क्रम में प्रत्यावेदन का निस्तारण कर दिया जाएगा। बताया कि सुविधा शुल्क
मांगने का आरोप निराधार है।
कृषक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय
डारीडीहा मिश्रौलिया के चार सहायक अध्यापक वर्ष 2013 में रिटायर हुए,
रिटायर होने वालों में मोतीराम भी शामिल हैं। इन्होंने पेंशन में सुधार के
लिए विभाग में प्रत्यावेदन दिया। जब इनका पेंशन सुधार नहीं हुआ तो यह
हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने उप शिक्षा निदेशक को प्रत्यावेदन का निस्तारण
करने का आदेश दिया।
मोतीराम का कहना है कि वह पिछले छह माह से
हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए जेडीई कार्यालय स्थित ज्येष्ठ लेखा
परीक्षक कार्यालय का चक्कर लगा रहा हूं। मगर उनके प्रत्यावेदन का निस्तारण
नहीं किया जा रहा है। बताया कि प्रत्यावेदन के निस्तारण के नाम पर उनसे
सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है।