बस्ती। नगर पालिका क्षेत्र की बेशकीमती जमीनों पर कब्जा कर किसी ने मैरिल
हॉल बना लिया है तो किसी ने होटल खोल दिया है। शहर की ऐसी 28 सरकारी
संपत्तियों पर कब्जे का खुलासा नगरपालिका की टीम की जांच में हुआ है। नगर
पालिका की ओर से डीएम, एडीएम और तहसीलदार को भेजी गई है।
डीएम एके दमेले ने बताया कि अभियान चलाकर कब्जा खाली कराया जाएगा। साथ ही कब्जेदारों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।
नगरपालिका
के ईओ डॉ. आरपी श्रीवास्तव ने बताया कि पालिका क्षेत्र की जिन जमीनों पर
अनधिकृत कब्जे की रिपोर्ट दी गई है, उनमें पांच तालाब-पोखरे और गडढे, सात
शौचालय, पांच मैला रखने वाले स्थान, दो गल्ला बाजार, दो बफैलो शेड, दो सीवर
लाइन के लिए अधिकृत जमीन और एक ट्यूूबवेल की जमीन शामिल है।
शहरी
क्षेत्र में सबसे अधिक कब्जा तालाब, पोखरों और गड्ढों पर है, शहर के बीचों
बीच तीन तालाबों और गड्ढों का पाटकर उस पर व्यावसायिक और रिहायशी भवन बना
लिए गए हैं। ये जमीनें आज भी सरकारी अभिलेखों में सरकार के नाम दर्ज हैं।
चूंकि
शहर की जमीनों की कीमत अधिक होती है, इस लिए इस पर सबकी नजर रहती है।
सरकारी संपत्तियों पर कब्जा करने वालों में अधिकतर राजनीतिक लोग हैं। यही
कारण है कि इनके विरुद्ध कार्रवाई और अतिक्रमण हटाने में प्रशासन और
नगरपालिका ने कभी सक्रियता नहीं दिखाई।
मोहल्ला पुरानी बस्ती भैंसाखना स्लाटर हाउस व पुरानी बस्ती भैंसाखाना स्लाटर हाउस बफैलो शेड की भूमि पर अतिक्रमण है। मोहल्ला
पिकौरा शिवगुलाम व संतपुर गदहाखोर में सीवर लाइन की भूमि पर अतिक्रमण।
मोहल्ला ओरीजोत, पिकौरा दत्तूराय खतौनी 138, पिकौरा दत्तूराय खतौनी 140
बगीचा, पिकौरा दत्तूराय महिला अस्पताल शामिल है। मोहल्ला तुरकहिया गांधीनगर
में पंपिंग स्टेशन की भूमि पर कब्जा है।
तालाबों पर है कब्जा
मोहल्ला महरीखावां कंपनीबाग, बभनगांवा, बभनगांवा निकट तुरकहिया, पिकौरा बक्स व तुरकहिया निकट पूबी हरिजन टोला जलमग्न शामिल है।
शौचालय व कूड़ादान
मोहल्ला तुरकहिया, पिकौरा, बैरिहवां, कटरा सिविल लाइन, पुरानी बस्ती बारी टोला, मरवटिया राजा पक्का बाजार व भटियार औला पुरानी बस्ती।
मैला रखने वाले स्थान
मनहनडीह निकट जिला अस्पताल, मड़वानगर, रौतापार गांव, रौतापार व महुडर गांव।
गल्ला बाजार
गांधीनगर, सब्जी मंडी तुरकहिया व पिकारा बक्श।