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आक्रोशित भीड़ सड़क पर, डेढ़ घंटे जाम रहा फोरलेन

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सड़क जाम करते लोग। - फोटो : amar ujala
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वाल्टरगंज। चार दिन से लापता 13 वर्षीय बालक की हत्या से आक्रोशित उसके सगे-संबंधियों ने शुक्रवार को फोरलेन पर जमकर हंगामा किया। आरोप था कि 30 सितंबर को गायब होने के बाद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई।  
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शुक्रवार की सुबह काफी संख्या में भीड़ पुरानी बस्ती के पॉलिटेक्निक चौराहे पर पहुंची और गोरखपुर-लखनऊ हाईवे जाम कर दी। करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। तादाद बढ़ते देखकर पुलिस के हाथ-पांव फूलने लगे। आसपास के चार थानों की फोर्स बुला ली गई। एसडीएम सदर श्रीप्रकाश शुक्ल, सीओ सिटी आलोक सिंह के अलावा कोतवाली, वाल्टरगंज, मुंडेरवा के एसओ और डॉयल-100 की कई टीमें पहुंच र्गइं। काफी मशक्कत के बाद लिखित आश्वासन देने पर फोरलेन से हटे। सीओ सिटी ने बताया कि तहरीर के मुताबिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दो दिन के भीतर मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। 
बृहस्पतिवार को पुरानी बस्ती क्षेत्र के हथियागढ़ के सिवान में बालक का शव मिला। रात में उसकी शिनाख्त 13 वर्षीय रंजीत पुत्र चन्द्रहास चौहान के रूप में की गई, जो 30 सितंबर से ही गायब था। रंजीत संजय कॉलोनी स्थित शिशु शिक्षा निकेतन विद्या मंदिर पांचवीं का छात्र था। मगर जब परिवार के लोग पहुंचे तो पहचान से इन्कार करके लौट गए। बाद में देर रात रंजीत की बहन दिव्या को परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस ले गए। उसने जब पहचान कर ली तो सबने रंजीत का शव होना कबूल किया। घरवाले शुक्रवार सुबह थाने नहीं पहुंचे तो पुलिस की सांस अटकने लगी। एसओ सर्वेश राय हथियागढ़ रंजीत के घर पहुंच गए। वहां गांव वालों की काफी भीड़ लगी थी। पुलिस को देखते ही लोग आक्रोशित हो गए। 30 सितंबर को गायब बालक की पुलिस ने खोजबीन नहीं की, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई। गुस्से में नारेबाजी करते हुए दोपहर करीब 11:30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग के पॉलिटेक्निक चौराहे पर पहुंच गए। जहां 1:00 बजे तक डटे रहे।   
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परिवार वाले बोले, फिरौती खातिर हत्या  
वाल्टरगंज। क्षेत्र में इस बात की काफी चर्चा रही कि फिरौती के लिए हत्या की गई है। पॉलिटेक्निक चौराहे पर होटल चलाने वाले पिता चंद्रहास का कहना है कि 10 सितंबर देर शाम रंजीत घर से खा-पीकर चौराहे की दुकान पर जाने के लिए निकला। मगर दुकान पर नहीं पहुंचा। रात भर दुकान वाले समझते रहे कि घर होगा और घर वाले समझे कि दुकान पर सोया है। अगले दिन करीब सवा नौ बजे चंद्रहास की मोबाइल पर फोन आया और 50 लाख रुपये फिरौती मांगी गई। जब तक वह पुलिस के पास जाकर बताता, कॉल करने वाले का मोबाइल ऑफ हो चुका था। उस वक्त इसकी किसी को भनक नहीं लगने पाई। मगर बृहस्पतिवार शाम शव मिलने के बाद कहानी गंभीर हो गई। 
 
डेढ़ घंटे में तीन किमी तक कतार      
बस्ती। गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन पर स्थित पॉलिटेक्निक चौराहे पर डेढ़ घंटे आवागमन ठप होने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। दोनों तरफ करीब तीन किलोमीटर तक लंबी दूरी के माल वाहक ट्रक-ट्रेलर के अलावा एक्सप्रेस बस खड़ी रही। पश्चिम से बड़ेवन और पूरब से सबदेइया कला, करही गांव तक पहिए रुके रहे। इस दौरान बसों में यात्री भूख-प्यास से परेशान रहे। हाईवे के किनारे के होटल/ढाबों पर काफी भीड़ होने से भोजन व चाय, समोसे के लाले पड़ गए। पानी की बोतलों के लिए भी लोगों को भटकते देखा गया। डेढ़ घंटों तक परेशान यात्रियों को एक बजे के बाद तब राहत मिली जब चौराहे से ग्रामीणों की भीड़ हटी।   
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