कप्तानगंज मे कंवारियो के बवाल के बाद पूछताछ करते आईजी मोहित अग्रवाल।
मामूली बात पर आपा खोए कांवड़ यात्रियों के कप्तानगंज में बवाल के बाद माहौल शांत तो हुआ लेकिन अनजाने भय से सभी सहमे हुए हैं। पुलिस प्रशासन भी जहां फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है, वहीं कावड़ यात्री भी सहमे हुए हैं। रुख देखकर उन्हें भी भय सताने लगा है कि अब गड़बड़ की तो पुलिस सख्त कार्रवाई करने में देर नहीं लगाएगी।
कप्तानगंज और महराजगंज प्रतिनिधि के अनुसार कांवड़ियों का बवाल क्यों हुआ, इसकी असली वजह जानने आईजी जोन मोहित अग्रवाल रविवार को दोपहर बाद मौके पर पहुंचे। किन परिस्थितियों में गोरखपुर के जिला जज समेत तमाम अधिकारी आक्रोश का शिकार बने इसे लेकर कस्बे के लोगों से पूछताछ भी की। साथ ही मौके पर मौजूद एसपी, एएसपी को सख्त हिदायत दी कि गंभीर विषयों को हल्के में न लें। अमर उजाला से आईजी ने बताया कि भीड़ का बेकाबू होना अच्छे लक्षण नहीं हैं। इस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
उधर गोरखपुर के जिला जज के गनर संजय चौहान की तहरीर पर पुलिस ने शनिवार रात में ही तोड़फोड़, अराजकता, बलवा, हत्या का प्रयास, सेवन क्रिमिनल लॉ अमेडमेंट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। एक युवक को हिरासत में भी लिया गया है। पुलिस अभी कांवड़ मेला निपटाने के बाद ही इस प्रकरण को छेउ़ना चाहती है। ताकि त्योहार में कोई खलल न पड़े।
कस्बे के लोगों ने आईजी को बताया कि किस तरह से पानी की बोतल के लिए एकाएक कांवड़िए बेकाबू हो गए। असल में कहा जा रहा है कि जिस समय बवाल हुआ उस समय एक वाहन में पानी का बोतल लादकर आया था। जिसे कांवड़ यात्रियों में बांटा जा रहा था। इसी बीच कांवड़िया हंगामा करने लगे। उनकी हरकतें बर्दास्त से बाहर हुईं तो कुछ पुलिस वाले मना करने पहुंचे तो उन्हें कांवड़ियों ने दौड़ा लिया। जिसके बाद बवाल बढ़ा। हालत यहां तक पहुंच गई कि उधर से गुजर रहे गोरखपुर के जिला जज, सीआरओ बस्ती, एसडीएम,सीओ समेत तमाम सरकारी अधिकारी पहुंचते गए जो एक-एक करके आक्रोश का शिकार होते गए।