नगर पालिका परिषद इस बार नए सिरे से संपत्ति कर का निर्धारण कर रही है। इसे लेकर पिछले छह माह से मशक्कत हो रही है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट चंद्रमोहन गर्ग भी इस मामले में गंभीर हैं। ऐसे में अब बकायेदारों के खिलाफ नोटिस की तैयारी नगर पालिका कर अधिकारी कर रहे हैं। यहां 400 पर करीब 50 लाख रुपये बाकी हैं।
नगर पालिका ने कर नियमों में शासनादेश के मुताबिक संशोधन कर दिया है। पिछली सरकार में तय हुए दिशा-निर्देशों के मुताबिक कर निर्धारण की व्यवस्था अब व्यावसायिक भवनों के लिए अलग तो आवासीय के लिए अलग की गई है। इसके बाद सभी से बारी-बारी से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गर्ग, अधिशासी अधिकारी और पालिका के कर निर्धारण अधिकारी ने बैठक की। इसके बाद सबकी सहमति के बाद जमीन और भवन का लेखा-जोखा के आधार पर कर निर्धारण किया। इसके अलावा आवासीय भवनों पर भी कर का निर्धारण बाद में किया जाएगा। इधर, अधिकांश व्यावसायिक भवनों का कर निर्धारण नगर पालिका ने कर दिया है। संबंधित लोगों को सूचना के बाद अब इसकी अदायगी करनी होगी। इधर, पुराने संपत्ति कर को लेकर भी पालिका गंभीर है। कुल चार सौ ऐसे बकायेदार हैं, जिन पर करीब 50 लाख रुपये बाकी हैं। इसे वसूलने के लिए नगर पालिका पहले चरण में नोटिस जारी करने का खाका तैयार कर रही है।
कर निर्धारण अधिकारी ने कहा
कर निर्धारण अधिकारी केके चौबे ने पुष्टि करते हुए कहा कि पुराने बकायेदारों को 31 मार्च तक का समय दिया गया है। इस दौरान यदि बकाया जमा हुआ तो ठीक वरना अब पालिका इसकी वसूली के लिए सख्ती बरतेगी। पहले चरण में नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद अन्य कानूनी प्रक्रिया से वसूली की कार्रवाई होगी।