विलाप करते किसान रामनारायन के घरवाले।
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हैंसर। क्षेत्र के बरपरवा गांव निवासी किसान 50 वर्षीय रामनरायन सिंह इस तरह मौत को गले लगा लेंगे, इसकी आशंका परिवार वालों को जरा सा भी नहीं रही। शुक्रवार को उनकी लाश से लिपट कर रो रही पत्नी भगवंता समेत पूरे परिवार के लोग घर के मुखिया के इस आत्मघाती कदम से सदमे में थे।
गांव के लोग दबी जुबान यह कहते हुए जरूर सुने गए कि बेटी की शादी के लिए रामनरायन काफी परेशान रहा करते थे। किसान रामनरायन सिंह के पास पांच संतान हैं। बेटा मुकेश सबसे बड़ा है उसकी शादी नहीं हुई है। दूसरे नंबर के पुत्र 22 वर्षीय सुरेश की शादी हो चुकी है। तीसरे नंबर की 20 वर्षीय बेटी सोनी की शादी करने के लिए रामनरायन परेशान रहा करते थे।
दूसरी बेटी 16 वर्षीय रुबी और सबसे छोटा बेटा 13 वर्षीय कृष्णमोहन पढ़ाई कर रहे है। गांव के लोगों का कहना है कि बेटी सोनी की शादी की बातचीत भी रामनरायन कर चुके थे, लेकिन दहेज देने की रकम की व्यवस्था वह नही कर पा रहे थे। दहेज की रकम जुटाने के लिए वह परेशान थे। दहेज के रकम के लिए वह काफी हाथ पांव चलाए, लेकिन सफलता नही मिली थी।
एसओ संतोष कुमार तिवारी का कहना है कि परिजन बेटी की शादी को उनकी परेशानी का कारण बता रहे हैं। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और साफ हो जाएगी। गांव के लोगों की मानें तो शादी के लिए खेत बेचने की बात भी वह कह रहे थे।