बस्ती। रेंज कैंप कार्यालय में तैनात आरक्षी त्रियुगी प्रसाद के भतीजे की मौत के मामले में उस समय नया मोड़ आ गया, जब अचानक इस केस की विवेचना कोतवाली से हटाकर मुंडेरवा थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह को सौंप दी गई। एसपी कृपाशंकर सिंह का कहना है कि वादी ने मामले की तफ्तीश कर रहे कोतवाली के एसएसआई पर गंभीर आरोप लगाते हुए विवेचक बदलने का आवेदन किया था।
पिछले महीने शहर के दक्षिणी छोर पर बहने वाली कुआनो के अमहट घाट पर कुछ दोस्तों के साथ पहुंचे युवक की पानी में डूबने मौत हो गई थी। तात्कालिक तौर पर इसे सेल्फी लेने के चक्कर में हुआ हादसा मानकर पुलिस बात को टाल गई, लेकिन जब पोस्टमार्टम हुआ तो पैरों तले जमीन खिसक गई। उसके सीने की कई पसलियां टूटी मिलीं। पेट में पानी भी नहीं मिला। पुलिस ने उसके तीन दोस्तों पर हत्या का मुकदमा तो दर्ज किया लेकिन किसी की न तो गिरफ्तारी की गई और न किसी से पूछताछ ही की गई। पीएम में एंटी मार्टम इंजरी के बावजूद इस पहलू को नजरअंदाज करने की शिकायत पर एसपी ने विवेचक बदल दिया।