बस्ती। जिले के रामनगर, सल्टौआ, गौर, बनकटी और कप्तानगंज के एडीओ पंचायत पर
डीएम ने कार्रवाई की है। इन पर अपने विकास खंडों में शौचालयों के निर्माण
की धीमी प्रगति के कारण कार्रवाई की गई है। कार्रवाई की जद मेें डीपीआरओ के
रूप में एक दिन का कार्य भार संभालने वाले एडीओ पंचायत कुमार अमरेंद्र भी
शामिल हैं।
पिछले दिनों प्रभारी डीपीआरओ डीपी सिंह ने ग्राम
पंचायतों में शैचालय निर्माण कार्य की समीक्षा की थी। समीक्षा के दौरान
रामनगर, सल्टौआ गोपालपुर, गौर, बनकटी और कप्तानगंज विकास खंड में शौचालय
निर्माण की प्रगति काफी खराब पाई गई थी।
रामनगर के एडीओ पंचायत
चंद्रभान, सल्टौआ गोपालपुर के रामप्रकाश पांडेय और गौर के आरपी शाही का
वेतन रोकने और उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने की संस्तुति पर डीएम ने मुहर
लगा दी। जबकि बनकटी के एडीओ पंचायत सीपी पांडेय और कप्तानगंज के एडीओ
पंचायत कुमार अमरेंद्र के खिलाफ निलंबन की सिफारिश डीएम ने निदेशक पंचायती
राज से की है।
प्रभारी डीपीआरओ डीपी सिंह ने बताया कि एडीओ पंचायत
सीपी पांडेय जब सांऊघाट ब्लॉक में तैनात थे तो बस्ती सदर के विधायक
जितेंद्र कुमार उर्फ नंदू चौधरी ने डीएम से शिकायत की थी कि उन्होंने
तत्कालीन डीपीआरओ से मिलकर कुछ ग्राम पंचायतों के खाते पर रोक लगा दी थी।
इस
मामले की जांच में एडीओ पंचायत सीपी पांडेय दोषी पाए गए थे। वहीं
कप्तानगंज के एडीओ पंचायत कुमार अमरेंद्र पर हैंडपंपों के उच्चीकरण और
स्कूल शौचालयों के निर्माण में रुचि न लेने का आरोप है। इन दोनों के निलंबन
की सिफारिश की गई है।
पंचायत सेक्रेटरी पर एफआईआर होगी
परशुरामपुर
के नागपुर कुंवर ग्राम पंचायत में एक साल पहले तैनात रहे पंचायत सेक्रेटरी
धन प्रकाश शुक्ल के खिलाफ डीएम एके दमेले ने कार्रवाई की है। उनसे छह लाख
रुपये की मय ब्याज वसूली के साथ ही एफआई दर्ज कराने को कहा गया है। डीपीआरओ
डीपी सिंह ने बताया कि धन प्रकाश शुक्ल एक साल पहले परशुरामपुर ब्लॉक के
नागपुर कुंवर में तैनात थे।
ग्राम पंचायत में शौचालय के लिए मिले
धन को वह डकार गए। उनके विरुद्ध जांच कराने पर छह लाख रुपये के गबन का
मामला सामने आया। यह फाइल अभी तक दबी हुई थी। इस मामले में डीएम ने पंचायत
सेक्रेटरी धन प्रकाश शुक्ल के विरुद्ध छह लाख रुपये की ब्याज सहित वसूली और
एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। धन प्रकाश शुक्ल वर्तमान में
कुदरहा ब्लॉक में तैनात है।